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डोईवाला में भिक्षावृत्ति के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, छह बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
भिक्षावृत्ति का बढ़ता खतरा
भिक्षावृत्ति भारत के विभिन्न हिस्सों में गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। यह बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना देती है और उनके शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक विकास को बुरी तरह प्रभावित करती है। बच्चों को इस अवैध गतिविधि में धकेलने वाले गिरोह अक्सर उनके अधिकारों का हनन करते हैं। सरकार और प्रशासन इस दिशा में सक्रिय रूप से कदम उठा रहे हैं ताकि इन बच्चों को सुरक्षित और बेहतर जीवन प्रदान किया जा सके।

डोईवाला में रेस्क्यू अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 11 दिसंबर 2024 को जिलाधिकारी के निर्देश पर देहरादून की भिक्षावृत्ति रेस्क्यू टीम ने डोईवाला में कार्रवाई करते हुए तीन बालिकाओं और तीन बालकों को भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद बच्चों का मेडिकल परीक्षण करवाया गया और पुलिस थाने में सामान्य डायरी (GD) दर्ज की गई। इसके बाद इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बच्चों की सुरक्षित व्यवस्था
बाल कल्याण समिति ने बच्चों के पुनर्वास के लिए निम्नलिखित कदम उठाए:
- दो बालिकाओं को राजकीय बालिका निकेतन में भेजा गया।
- दो बालकों और एक बालिका को राजकीय शिशु सदन में रखा गया।
- एक बालक को समर्पण (खुला आश्रय) में सुरक्षित स्थान प्रदान किया गया।
प्रशासन की सक्रियता
प्रशासन द्वारा किए गए इस रेस्क्यू अभियान से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बच्चों को भिक्षावृत्ति से बचाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में सहयोग करने की आवश्यकता है ताकि बच्चों का बचपन सुरक्षित और उज्जवल बनाया जा सके।



