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स्मार्ट सिटी परियोजना: विकास के नए मानकों की ओर कदम
स्मार्ट सिटी परियोजनाएं शहरी विकास और प्रगति के महत्वपूर्ण प्रतीक बन गई हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है, बल्कि जनमानस की जरूरतों और उम्मीदों पर खरा उतरना भी है। हालांकि, कई बार परियोजनाओं में देरी, धन की कमी, और पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे जनता की धारणा को प्रभावित करते हैं। देहरादून में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं।

स्मार्ट सिटी की समीक्षा और सख्त निर्देश
देहरादून, 8 दिसंबर 2024
जिलाधिकारी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्मार्ट सिटी लिमिटेड, सविन बंसल ने सीईओ स्मार्ट सिटी का चार्ज संभालते ही विकास भवन सभागार में आयोजित पहली बैठक में परियोजनाओं की समीक्षा की। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि ग्रीन बिल्डिंग और अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अभी भी निर्माणाधीन हैं।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि स्मार्ट सिटी के प्रति जनमानस की धारणा को सकारात्मक बनाने के लिए पूरी टीम को योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा। सभी प्रोजेक्ट जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें, इसके लिए किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

निर्माण कार्यों में पारदर्शिता पर जोर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रीन बिल्डिंग का वर्क प्लान और लेबर प्लान मांगने पर सीपीडब्ल्यूडी के अभियंता स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अगली बैठक में सभी योजनाएं प्रस्तुत की जाएं। एजीएम स्मार्ट सिटी को प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और अनुबंधित श्रमिकों की उपस्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए।
तकनीकी समस्याओं का समाधान
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत लगाए गए कैमरों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई कैमरे मालवेयर अटैक के कारण बाधित हो गए हैं। जिलाधिकारी ने एजीएम वित्त और एजीएम आईटी को निर्देश दिया कि खराबी के कारणों की संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करें और इन परियोजनाओं में साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करें।
जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान
स्मार्ट टॉयलेट्स की स्थिति पर चर्चा करते हुए निर्देश दिया गया कि सभी टॉयलेट्स को जनता के लिए खुला रखा जाए और उनकी अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट फोटोग्राफी सहित प्रस्तुत की जाए। इसके अलावा, 66 बस स्टॉप पर लगे हाईटेक डिजिटल डिवाइस की क्रियाशीलता की संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही भुगतान करने को कहा गया।
यातायात और सांस्कृतिक विकास
शहर के यातायात प्रबंधन और चौराहों को स्थानीय लोक संस्कृति और पारंपरिक शैली में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए धन की बाधा को दूर कर लिया गया है। यातायात सुगमता और पारंपरिक शैली को मिलाकर कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पठन-पाठन और अन्य कार्यों पर फैसले
स्मार्ट स्कूलों में स्थापित उपकरणों के रखरखाव (AMC) की स्वीकृति दी गई और यह सुनिश्चित किया गया कि बजट की कमी के कारण पठन-पाठन प्रभावित न हो। इसके अलावा, स्मार्ट सिटी की बसों के भुगतान को एआरटीओ और एजीएम की सत्यापन रिपोर्ट और जीपीएस डेटा के आधार पर ही पूरा करने का निर्देश दिया गया।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी तीरथ पाल सिंह, और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को परियोजनाओं में तेजी लाने और जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सख्त निर्देश दिए गए।
स्मार्ट सिटी परियोजना को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा उठाए गए कदम न केवल परियोजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाएंगे, बल्कि जनमानस की उम्मीदों पर भी खरा उतरेंगे। जनता से भी अनुरोध किया गया है कि यदि किसी सुविधा में समस्या आती है तो संबंधित टोल-फ्री नंबर पर सूचना दें।



