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देहरादून में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान: जिलाधिकारी सविन बंसल की अनूठी पहल का ट्रायल शुरू
भिक्षावृत्ति, समाज की एक गंभीर समस्या है, जो बच्चों और कमजोर वर्गों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता से दूर कर देती है। यह समस्या न केवल उनके भविष्य को प्रभावित करती है बल्कि शहर की सामाजिक संरचना और विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसे समाप्त करने के उद्देश्य से देहरादून प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत सड़कों और चौक-चौराहों पर भिक्षावृत्ति में संलिप्त लोगों को पुनर्वासित कर उन्हें एक नई दिशा दी जाएगी।

भिक्षावृत्ति उन्मूलन वाहन का ट्रायल अभियान शुरू
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत विशेष वाहन ट्रायल अभियान के रूप में सड़कों पर उतारे गए। इन वाहनों के माध्यम से भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों और अन्य व्यक्तियों को रेस्क्यू कर शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए आश्रय गृह में ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
आईएसबीटी से बच्चे का रेस्क्यू
ट्रायल के दौरान, भिक्षावृत्ति में संलिप्त एक बच्चे को आईएसबीटी से रेस्क्यू किया गया और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंपा गया। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला सूचना अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया।
सामाजिक जागरूकता के प्रयास
भिक्षावृत्ति उन्मूलन वाहन पर जागरूकता स्लोगन और बच्चों द्वारा की गई गतिविधियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अभियान का उद्देश्य न केवल भिक्षावृत्ति में फंसे लोगों को बचाना है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाकर इस समस्या को जड़ से खत्म करना है।
मुख्यमंत्री करेंगे अभियान का औपचारिक शुभारंभ
सूत्रों के अनुसार, इस अभिनव अभियान का औपचारिक शुभारंभ जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। इस पहल के तहत आधुनिक इनीसेटिव केयर शेल्टर तैयार किए जा रहे हैं, जहां रेस्क्यू किए गए बच्चों को शिक्षा और कौशल विकास के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रशासन की अनूठी पहल
देहरादून में इस अभियान को प्रशासन की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल और उनकी टीम की इस पहल से शहर में सामाजिक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।



