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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं पर होगा समाधान, जिलाधिकारी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
उत्तराखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अविस्मरणीय है। उनके संघर्षों की बदौलत ही आज राज्य का गठन हुआ है। हालांकि, राज्य आंदोलनकारियों की कई समस्याएं अब भी लंबित हैं, जैसे डबल पेंशन, चिन्हिकरण और सम्मान पत्र। इन मुद्दों को सुलझाना और उनके योगदान को सम्मान देना प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए आंदोलनकारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना और समाधान के निर्देश दिए।
बैठक में हुए मुख्य बिंदु
जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में राज्य आंदोलनकारियों को आमंत्रित किया। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो मामले शासन स्तर पर लंबित हैं, उन्हें सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण और पेंशन के सभी मामलों की समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।

जिलाधिकारी ने 2021 की कट-ऑफ डेट से पहले चिन्हित सभी आंदोलनकारियों का रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राज्य और राष्ट्रीय पर्वों पर आंदोलनकारियों को विशेष सम्मान देते हुए अग्रिम पंक्ति में बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, यदि किसी आंदोलनकारी का निधन होता है, तो जिला प्रशासन से एक वरिष्ठ अधिकारी उनके सम्मान में उपस्थित रहेगा।
आंदोलनकारियों ने व्यक्त किया आभार
बैठक में शामिल आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी द्वारा बैठक बुलाने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी जिलाधिकारी ने सीधे उन्हें बुलाकर उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया है।
प्रमुख मांगें और समाधान की दिशा
बैठक के दौरान आंदोलनकारियों ने अपनी प्रमुख मांगें, जैसे पेंशन, प्रशस्ति पत्र, सम्मान और चिन्हिकरण, जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर हरसंभव कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में उपस्थित अधिकारी और आंदोलनकारी
बैठक में उप जिलाधिकारी हरिगिरि, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कपिल कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा, राज्य आंदोलनकारी जगमोहन नेगी, सत्या पोखरियाल, पुष्पलता सिलमाना, सरोज डिमरी और अन्य प्रमुख आंदोलनकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।
यह बैठक आंदोलनकारियों के लिए एक सकारात्मक कदम है, जिसमें उनके योगदान को सराहा गया और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए ठोस प्रयास किए गए।



