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दून में गैंगवार की बड़ी साजिश नाकाम: पुलिस की सटीक रणनीति से 6 गिरफ्तार, भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद
आज की युवा पीढ़ी में अपराध की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, खासकर वर्चस्व की लड़ाई और आपसी रंजिश के चलते। गैंगवार की घटनाएं समाज में न केवल भय का माहौल पैदा करती हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा को भी खतरे में डालती हैं। ऐसे में समय रहते पुलिस की सक्रियता समाज को इस तरह की गंभीर घटनाओं से बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून को गोपनीय सूचना मिली कि दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के कारण देहरादून में गैंगवार की योजना बनाई जा रही है। एसएसपी के निर्देशानुसार एसओजी, थाना क्लेमेंटाउन और थाना बसंत विहार की टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी दो स्थानों से की गई: पहला क्लेमेंटाउन क्षेत्र के आशारोड़ी और दूसरा बसंत विहार क्षेत्र के इंजीनियरिंग एन्क्लेव। आरोपियों के पास से 1 पिस्टल, 3 तमंचे और कुल 6 कारतूस बरामद हुए।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान निम्न प्रकार है:
गैंग A के सदस्य:
- आसिफ मलिक, निवासी मयहू वाला माफी, देहरादून
- रितिक पवार, निवासी बबूपुर नागली, उत्तर प्रदेश
- आकाश, निवासी साकेत, मेरठ, उत्तर प्रदेश
गैंग B के सदस्य:
- कार्तिक, निवासी सुभाष नगर, देहरादून
- हिमांशु, निवासी सर्किट हाउस कॉलोनी, सहारनपुर
- विराट, निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
पुलिस के अनुसार:
पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों गुटों के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। पहले भी इनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गैंग A के सदस्य आसिफ मलिक और गैंग B के सदस्य कार्तिक के बीच पुरानी दुश्मनी के चलते गैंगवार की योजना बनाई गई थी।
एसएसपी देहरादून ने इस सफलता के लिए पुलिस टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस की सटीक रणनीति और समय पर की गई कार्रवाई से देवभूमि देहरादून में एक बड़ी घटना को टाल दिया गया है।
पुलिस का बयान:
देहरादून की सुरक्षा और शांति बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी दशा में अपराधी गतिविधियों को फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा। गैंग के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।



