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बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और यातायात नियमों की अनदेखी पर जागरूकता अभियान: स्कूली बच्चों को सिखाया जिम्मेदार यातायात का पाठ
भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या हर साल बढ़ रही है, जिनमें से कई मामलों में नाबालिग वाहन चालकों की लापरवाही सामने आती है। इन दुर्घटनाओं से न केवल जानमाल का नुकसान होता है, बल्कि परिवारों पर गहरा मानसिक और आर्थिक प्रभाव भी पड़ता है। इसके अलावा, नशे का चलन युवाओं में खतरनाक रूप से बढ़ रहा है, जो सड़क सुरक्षा को और चुनौतीपूर्ण बना रहा है। इन समस्याओं पर अंकुश लगाने और जिम्मेदार नागरिकता विकसित करने के उद्देश्य से पौड़ी पुलिस ने विशेष अभियान चलाया है।

खबर का विवरण:
पौड़ी जनपद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यातायात श्रीनगर पुलिस टीम ने केन्द्रीय विद्यालय श्रीनगर में विशेष सत्र का आयोजन किया।

अभियान की मुख्य बातें:
- छात्रों को यातायात संकेतों और नियमों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
- बालिग होने के बाद ही वाहन चलाने और नाबालिगों को वाहन न सौंपने के लिए प्रेरित किया गया।
- मोटर वाहन अधिनियम के तहत नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर संभावित दंडात्मक कार्यवाही की जानकारी दी गई।
- छात्रों को “गुड समैरिटन” बनकर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने के लिए प्रेरित किया गया।
- नशे के दुष्प्रभाव और इसके रोकथाम के उपायों पर भी चर्चा की गई।
इस कार्यक्रम में पुलिस टीम के उपनिरीक्षक नीरज शर्मा, आरक्षी विवेक भंडारी, पीआरडी कुलदीप सिंह और नरेश ने सक्रिय भूमिका निभाई। छात्रों को न केवल यातायात नियमों का पालन करने बल्कि अपने परिवार और साथियों के बीच इस जानकारी को साझा करने की भी अपील की गई।
यातायात जागरूकता अभियान न केवल सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का प्रयास है, बल्कि युवाओं को जिम्मेदार और सतर्क नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



