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देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में सड़क सुरक्षा और चौराहों के सुधारीकरण पर दिए सख्त निर्देश

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सड़क सुरक्षा: हर जीवन अमूल्य, सुधारीकरण कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

सड़क हादसे देशभर में एक गंभीर समस्या बन गए हैं, जो प्रतिवर्ष हजारों लोगों की जान लेते हैं। इनके पीछे मुख्य कारणों में खराब सड़क संरचना, यातायात नियमों की अनदेखी, और सड़कों पर सुरक्षा उपायों की कमी शामिल है। सड़क सुरक्षा के उपायों को केवल औपचारिकता मानने के बजाय इसे जनसुरक्षा की प्राथमिकता के रूप में देखना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से, देहरादून जिले में सड़क सुरक्षा और सुधारीकरण को लेकर अहम कदम उठाए जा रहे हैं।

देहरादून, 27 नवंबर 2024:

जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में निर्माण कार्यों से संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा और सुधारीकरण के कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कहते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि हर जीवन अमूल्य है और विभाग इसे औपचारिकता मानकर नजरअंदाज न करें।

बैठक के मुख्य निर्देश:

  1. सड़क सुरक्षा कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता:
    सभी निर्माण कार्यों में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। स्पीड ब्रेकर, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, और डिवाइडर बनाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
  2. फंड की त्वरित स्वीकृति:
    डीएम ने निर्देश दिया कि सभी प्रस्ताव शासन को भेजे जाएं ताकि धन की स्वीकृति में कोई विलंब न हो।
  3. चौराहों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण:
    शहर के मुख्य चौराहों और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
  4. फील्ड निरीक्षण:
    जिलाधिकारी ने कहा कि सुझाए गए कार्यों का वे स्वयं फील्ड निरीक्षण करेंगे।

बैठक में प्रस्तुत हुए प्रमुख प्रस्ताव:

  • नेपाली फार्म से दालवाला तक एलिवेटेड रोड।
  • अजबपुर से मोकमपुर तक एलिवेटेड रोड।
  • कारगी चौक से लालपुर तक के कार्य पूरे।

शामिल अधिकारी:

बैठक में लोनिवि, एनएचआई, एनएच, और एआरटीओ समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

त्वरित कार्यान्वयन के निर्देश:

डीएम ने कहा कि ज़ेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन जैसे बुनियादी कार्यों के लिए 20 लाख रुपये जारी किए गए हैं और 15 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इसके साथ ही, वाहनों की गति नियंत्रण के लिए स्पीड ब्रेकर का निर्माण तुरंत शुरू किया जाए।

निष्कर्ष:
सड़क सुरक्षा केवल विभागीय कार्य नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का मूलाधार है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।

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