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सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए देहरादून पुलिस का बड़ा कदम
सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या देशभर में चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषकर शहरों और उनके आउटर इलाकों में बॉटल नेक (संकरी जगह) और यातायात नियमों का उल्लंघन दुर्घटनाओं के मुख्य कारण माने जा रहे हैं। युवा वर्ग और छात्रों में यातायात नियमों को लेकर जागरूकता की कमी के चलते हादसे बढ़ रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए देहरादून पुलिस ने नगर क्षेत्र में बॉटल नेक और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में पहल शुरू की है।
निरीक्षण की मुख्य बातें:
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज, 26 नवंबर 2024, को एसएसपी देहरादून ने नगर क्षेत्र का भ्रमण किया और शहर के आउटर इलाकों में स्थित बॉटल नेक और दुर्घटना संभावित स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का भी दौरा किया। यह एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद आशारोड़ी और आसपास के इलाकों पर यातायात के दबाव को कम करने में मदद करेगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से आशारोड़ी, पंडितवाड़ी, और नंदा की चौकी जैसे इलाकों में सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण और समाधान
एसएसपी ने इन स्थानों पर पहले हुई सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रिफ्लेक्टर साइन, लाइट, और ब्लिंकर लगाने जैसी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द लागू करने की बात कही। ठंड के मौसम में कोहरे और धुंध के कारण विजिबिलिटी कम होने से संभावित हादसों को रोकने के लिए उन्होंने रिफ्लेक्टर टेप और ब्लिंकर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
यातायात नियम उल्लंघन पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने नंदा की चौकी क्षेत्र में बिना हेलमेट और ओवरस्पीडिंग कर रहे वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। साथ ही, युवाओं और छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी।
जागरूकता अभियान का निर्देश
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर छात्रों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। इसके साथ ही, दुर्घटना संभावित इलाकों में लगातार निगरानी और सुधार कार्य किए जाएं।
यह पहल न केवल यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाएगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी।



