
पहाड़ की दहाड़ न्यूज़
देहरादून: प्रदेश के पांचों सांसद आपदा काल में क्षेत्र से लापता हैं और दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ फोटो शूट कराने में व्यस्त हैं
यह हमला आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रदेश के अलग अलग जिलों में भयंकर आपदाएं आई हुई हैं मंगलवार को उत्तरकाशी के गंगोत्री में हरसिल धराली में विनाशकारी आपदा आई है
और इससे पहले यमुनोत्री में चट्टान गिरने से तीर्थ यात्री की मृत्यु और यमुनोत्री हाई वे तरह दिनों तक बंद रहने की घटना हुई किंतु टिहरी की महारानी सांसद गायब।
श्री धस्माना ने कहा कि बुधवार को पौड़ी में बुराँसी में दो महिलाएं घर में दब कर मर गई और पाबों में भयंकर आपदा से भरी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस से पहले ऋषिकेश से लेकर केदारनाथ व बद्रीनाथ तक सैकड़ों जगह सड़कें अवरुद्ध हुई व केदारनाथ रूट पर लोगों की चट्टानें गिरने से वा गुमखाल में चट्टान गिरने से मौत हुई और लामबगड़ में राष्ट्रीय राज मार्ग का सौ मीटर रास्ता ही बह गया किन्तु पौड़ी के सांसद महोदय भी लगभग नदारद हो रहे।
श्री धस्माना ने कहा कि प्रदेश के अल्मोड़ा सांसद श्री अजय टम्टा जो केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री हैं उन्होंने राज्य की आपदा ग्रस्त जनता व ध्वस्त पड़ी सड़कों की कोई सुध नहीं ली।
श्री धस्माना ने कहा कि मंगलवार को हुई भयंकर हरसिल धराली आपदा पर पूर्व मंत्री और नैनीताल सांसद श्री अजय भट्ट का बयान तो बेहद शर्मनाक व संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है जिसमें वो कहते हैं कि बादल तो फटते ही रहते हैं और आपदाओं को रोका नहीं जा सकता।
श्री धस्माना ने कहा कि हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत जी के संसदीय क्षेत्र हरिद्वार के मनसा देवी में मानव जनित आपदा आई जिसमें बड़ी यमन लोग मर गए व घायल हुए किंतु उनकी उदासीनता भी जनता को अखर रही है क्योंकि वे मूलतः पहाड़ के हैं और इस समय पहाड़ में आई आपदाओं में उनको पहाड़ के लोगों की सुध लेनी चाहिए थी।
श्री धस्माना ने कहा कि भाजपा के पांचों सांसदों को पता है कि प्रदेश की जनता उनको काम व मेहनत के नाम पर नहीं बल्कि धार्मिक ध्रुवीकरण के कारण जिता रही है इसलिए वे जनता के दुख में शामिल होने को आवश्यक नहीं समझते।



