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देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का उत्साह अपने चरम पर है। इसी क्रम में, भगवान केदारनाथ के धाम के कपाट खुलने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आज हम आपको केदारनाथ की पंचमुखी डोली की प्रस्थान यात्रा के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जो भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण और भावुक क्षण होता है।

प्राप्त सूचना के अनुसार, श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी चल-विग्रह डोली ने आज, यानी 28 अप्रैल 2025 को, अपने शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर से अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान कर दिया है। यह प्रस्थान पारंपरिक रीति-रिवाजों, विधि-विधान और सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच बड़े ही श्रद्धापूर्वक माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा हुआ था, और हर तरफ “जय केदारनाथ” के जयकारे गूंज रहे थे, जिससे वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया था।
डोली आज अपनी यात्रा के पहले पड़ाव, श्री विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद, 29 अप्रैल को प्रातःकाल डोली गुप्तकाशी से फाटा के लिए रवाना होगी और वहां रात्रि विश्राम करेगी। अपनी यात्रा के अगले चरण में, 30 अप्रैल को डोली फाटा से आगे बढ़ते हुए श्री गौरामाई मंदिर, गौरीकुंड पहुंचेगी और वहीं रात्रि विश्राम करेगी। 1 मई को गौरीकुंड से प्रस्थान कर, डोली दोपहर तक श्री केदारनाथ धाम स्थित मंदिर भंडार में पहुंच जाएगी।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2 मई को प्रातः 7:00 बजे, वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट आधिकारिक रूप से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पवित्र अवसर पर श्री केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी बागेश्वर लिंग, वरिष्ठ पुजारी शिवशंकर लिंग के साथ बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी, तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।



