पूरी खबर देखने के लिए नीचे फोटो पर क्लिक करें 👇
आप को बता दे
टिहरी डैम के साये में प्यासे गांव: नल सूखे, बिल जारी!
उत्तराखंड के टिहरी डैम क्षेत्र से एक विडंबनापूर्ण तस्वीर सामने आई है। जहां एक ओर एशिया के सबसे बड़े बांधों में से एक टिहरी डैम पानी से लबालब भरा है, वहीं उसी क्षेत्र की ग्राम सभाओं में लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में हैंडपंप और नलों की सुविधा तो दिखा दी गई है, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। महिलाओं को घर चलाने के लिए सिर्फ दो डब्बों से काम चलाना पड़ रहा है – इन्हीं में पीने, खाने, नहाने और जानवरों को पानी देने की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।
ब्लॉक हिंडोलाखाल के अंतर्गत ग्राम सभा किमखोला और कुछ अन्य ग्राम सभाओं का भी इसी तरह का हाल है
ग्राम किमखोल में करीब 100 से 150 परिवारों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों में हफ्तों से नल सूखे पड़े हैं, लेकिन जल संस्थान की ओर से पानी का बिल लगातार आ रहा है।
स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया
स्थानीय निवासी सरकार और जल विभाग से सवाल कर रहे हैं – “जब पानी ही नहीं आ रहा तो बिल क्यों भेजा जा रहा है?” यह सवाल न केवल टिहरी क्षेत्र, बल्कि उन सभी गांवों की हकीकत है जहां ‘हर घर नल, हर घर जल’ का वादा अभी भी अधूरा है।
सरकार को चाहिए कि इन असल तस्वीरों को समझे और जल्द से जल्द ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उचित व्यवस्था करे, ताकि डैम के साए में जी रहे प्यासे लोग न्याय पा सकें।




