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किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके बच्चे होते हैं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिले, ताकि वे एक बेहतर और सम्मानजनक जीवन जी सकें। दुर्भाग्यवश, कई बच्चे विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित रह जाते हैं और बाल श्रम या भिक्षावृत्ति जैसे कार्यों में लिप्त हो जाते हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पौड़ी पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है, जिसका नाम है “ऑपरेशन मुक्ति”।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी लोकेश्वर सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत, जनपद में “ऑपरेशन मुक्ति – भिक्षा नहीं शिक्षा दे” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा की ओर अग्रसर करना है। इसके अंतर्गत, भिक्षावृत्ति, कूड़ा बीनने, गुब्बारा बेचने आदि कार्यों में लगे बच्चों का रेस्क्यू कर उनका स्कूलों में दाखिला करवाया जा रहा है। साथ ही, बच्चों को भिक्षावृत्ति की बजाय शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह और पुलिस उपाधीक्षक ऑपरेशन तुषार बोरा (नोडल अधिकारी एएचटीयू) के पर्यवेक्षण में, प्रभारी एएचटीयू के नेतृत्व में ऑपरेशन मुक्ति पुलिस टीम जनपद में सक्रिय है। यह टीम ऐसे बच्चों की पहचान कर रही है जो किन्हीं कारणों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं या स्कूल छोड़कर बाल श्रम जैसे कार्यों में लगे हैं। टीम के सदस्य ऐसे बच्चों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में समझा रहे हैं और बच्चों का स्कूलों में दाखिला करवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

इसी क्रम में, ऑपरेशन मुक्ति टीम ने महिला उपनिरीक्षक सुमनलता के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। टीम ने ऐसे 10 बच्चों का दाखिला राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय उदयरामपुर दुगड्डा में करवाया है, जो पहले स्कूल छोड़कर मजदूरी, भिक्षावृत्ति या बाल मजदूरी जैसे कार्यों में लगे हुए थे। इन बच्चों के परिजन शिक्षा के प्रति जागरूक नहीं थे, जिन्हें ऑपरेशन मुक्ति अभियान के तहत जागरूक किया गया। उन्हें शिक्षा के महत्व को विस्तार से बताया गया, जिसके बाद वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सहमत हुए। पौड़ी पुलिस का यह अभियान शिक्षा से वंचित रहने वाले ऐसे बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर उनके उज्जवल भविष्य को साकार करने के लिए लगातार जारी है।
इस सराहनीय कार्य में महिला उपनिरीक्षक सुमनलता और महिला आरक्षी विद्या मेहता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



