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खाद्य गोदाम में अनियमितताएँ उजागर, डीएम का औचक निरीक्षण, वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
खाद्य सुरक्षा देश की प्राथमिक आवश्यकताओं में से एक है, लेकिन कई बार लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण अनाज नहीं पहुंच पाता। सरकारी गोदामों में रखे जाने वाले अनाज की गुणवत्ता से सीधा संबंध बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों के स्वास्थ्य से होता है। यदि अनाज के भंडारण में अनियमितताएँ बरती जाएं, तो इससे न केवल जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बल्कि सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में आ जाती है। इसी संदर्भ में देहरादून जिले के खाद्य गोदाम में गंभीर लापरवाहियों के खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।

औचक निरीक्षण में मिली गंभीर लापरवाहियाँ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून के जिलाधिकारी ने गुलरघाटी स्थित खाद्य गोदाम का औचक निरीक्षण किया, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ उजागर हुईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, गोदाम में अनाज के रखरखाव में कई खामियाँ पाई गईं, जिनमें रजिस्टर मेंटेन न होना, FIFO (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) प्रक्रिया का पालन न करना, चूहों से सुरक्षा के लिए उचित उपायों की कमी, बोरियों पर अनाज भराई की तिथि एवं वजन अंकित न होना जैसी गंभीर लापरवाहियाँ शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर ही अनाज के सैंपल लिए, जिसमें प्रारंभिक जाँच में सैंपल अस्वीकार्य पाए गए। इसके चलते कई कुंटल अनाज को तुरंत रिजेक्ट कर दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनाज की गुणवत्ता में खामी मिलने के साथ-साथ बोरी में अंकित वजन और वास्तविक वजन में अंतर पाया गया, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई।
डीएम के आदेश, वरिष्ठ अधिकारियों पर गिरी गाज
अनियमितताओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने वरिष्ठ विपणन अधिकारी विष्णु प्रसाद चतुर्वेदी एवं क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी (एआरओ) अजय रावत की प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने, वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में अधिकारियों से जवाबदेही तय करने को कहा और स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अनाज की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में पहले आए अनाज का पहले विपणन किया जाए (FIFO प्रणाली लागू हो) और खाद्य भंडारण की सभी मानकों के अनुसार समीक्षा की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी खाद्य योजनाओं का लाभ दूरस्थ ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुँचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर अपराध मानी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारी
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जयभारत सिंह, तहसीलदार सुरेन्द्र देव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।



