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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया SDG एचीवर अवार्ड समारोह का आयोजन, उत्तराखंड बना SDG इंडिया इंडेक्स में देश का शीर्ष राज्य

सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्राप्ति किसी भी राज्य की समग्र प्रगति का एक महत्वपूर्ण संकेतक होती है। उत्तराखंड सरकार ने इस दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य सतत विकास सूचकांक (SDG Index) में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पर पहुंचा है। सरकार द्वारा पारदर्शी नीतियों और नवाचारों को लागू करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों ने रिकॉर्ड स्तर पर राजस्व संग्रह किया है। इसी क्रम में, उत्तराखंड सरकार ने राज्य में उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, व्यक्तियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सम्मानित करने के लिए ‘एसडीजी एचीवर अवार्ड’ समारोह का आयोजन किया।
मुख्यसेवक सदन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 03 व्यक्तियों, 09 संस्थानों और 04 औद्योगिक प्रतिष्ठानों को ‘एसडीजी एचीवर अवार्ड’ से सम्मानित किया। इसके साथ ही, इस अवसर पर ‘अग्रगामी 2.0’ पुस्तक का विमोचन किया गया और एसडीजी इंडेक्स उत्तराखंड 2023-2024 का भी लोकार्पण किया गया।

राज्य की एसडीजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त जनपद सम्मानित
इस अवसर पर, वर्ष 2023-24 की SDG रैंकिंग में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। उत्तराखंड सरकार पिछले तीन वर्षों से सतत विकास के लिए प्रयासरत स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यक्तियों और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को एसडीजी एचीवर अवार्ड से सम्मानित कर रही है। अब तक कुल 60 स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यक्तियों और संगठनों को यह सम्मान दिया जा चुका है।
इकोनॉमी और इकोलॉजी संतुलन के लिए ‘त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति’ की शुरुआत
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार की ‘त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति’ की घोषणा की, जिसका उद्देश्य राज्य में अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हुए सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करना है। इस नीति के तहत राज्य के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और समृद्धि के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, तीन वर्ष पूर्व उत्तराखंड एसडीजी इंडिया इंडेक्स में 9वें स्थान पर था, लेकिन वर्तमान में यह प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी नीतियों और नवाचारों का परिणाम यह है कि विभिन्न विभागों ने रिकॉर्ड स्तर पर राजस्व संग्रह किया है।



