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जनपद पिथौरागढ़: सीमावर्ती गाँवों में कोतवाली धारचुला पुलिस ने लोगों की समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की
सीमावर्ती गाँवों में निवासरत लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनमें बुनियादी सुविधाओं की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित उपलब्धता, सुरक्षा संबंधी चिंताएँ और सरकारी योजनाओं की जानकारी का अभाव प्रमुख हैं। प्रशासन और पुलिस विभाग का दायित्व होता है कि वे इन समस्याओं को समझें और उनका समाधान सुनिश्चित करें। इसी क्रम में पुलिस प्रशासन द्वारा सीमावर्ती गाँवों के नागरिकों तक पहुंचकर उनकी परेशानियों को जानने और उनका उचित निस्तारण करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस टीम ने वाइब्रेंट विलेज के निवासियों से संवाद स्थापित किया
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ रेखा यादव द्वारा जनपद के सीमावर्ती गाँवों में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों और अन्य ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने और उन्हें नए कानूनों की जानकारी देने के लिए सभी प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में, कोतवाली धारचुला की पुलिस टीम ने एसएचओ विजेंद्र शाह के नेतृत्व में वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती गाँवों—बालिंग, दर, दुग्तू, नपल्च्यू, गर्ब्यांग, गुंजी, कुटी, नाबी, रौंककौंग आदि में जाकर स्थानीय निवासियों के साथ बैठक की।
गोष्ठी में उठे प्रमुख मुद्दे और पुलिस की पहल
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस गोष्ठी के दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीणों से उनकी निजी, पारिवारिक, स्वास्थ्य संबंधी, पुलिस विभाग या अन्य सरकारी विभागों से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा किसी विशेष परेशानी की जानकारी नहीं दी गई, लेकिन उन्हें किसी भी आवश्यकता या आपात स्थिति में पुलिस सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
आपातकालीन सहायता के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
गाँव के नागरिकों को पुलिस सहायता नंबर 112, 9411112982 और कोतवाली धारचुला का CUG नंबर 9411112889 प्रदान किए गए। पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं, और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।



