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बागेश्वर: झिरौली पुलिस ने छात्राओं को दिया आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, साइबर क्राइम व महिला सुरक्षा पर जागरूकता अभियान
महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा एक अहम विषय है, खासकर उन इलाकों में जहां अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। आत्मरक्षा की तकनीकों की जानकारी होने से न सिर्फ महिलाएं अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में खुद का बचाव करने में सक्षम हो सकती हैं। इसके अलावा, साइबर अपराध, नशे के खतरे और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर जागरूकता फैलाना भी समय की मांग है।

झिरौली पुलिस की आत्मरक्षा कार्यशाला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बागेश्वर जिले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष झिरौली मनवर सिंह के निर्देशन में झिरौली पुलिस ने गौरा शक्ति योजना के तहत राजकीय इण्टर कॉलेज काफलीगैर में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा कार्यशाला आयोजित की। इस दौरान छात्राओं को Self Defence Techniques सिखाई गईं, जिससे वे किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में खुद की सुरक्षा कर सकें।
सुरक्षा, नशे और साइबर क्राइम पर जागरूकता अभियान
कार्यशाला के दौरान छात्राओं को यातायात नियमों, नशे से होने वाले दुष्परिणामों, बाल अपराध, महिला अपराध, गुड टच-बैड टच और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, साइबर क्राइम से बचाव के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं को बताया गया कि सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से कैसे बचें।

साइबर ठगी से बचाव के उपाय
झिरौली पुलिस ने छात्राओं को जागरूक किया कि किसी भी अंजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम डिटेल्स, ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। इसके अलावा, किसी अंजान लिंक या क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचने की सलाह दी गई। यदि कोई साइबर ठगी हो जाती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
समाज में जागरूकता बढ़ाने की अपील
अभियान के अंत में छात्राओं से अपील की गई कि वे इस जानकारी को अपने परिवार, पड़ोस और रिश्तेदारों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के तरीकों को जान सकें।



