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ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पौड़ी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एसएसबी ऑफिसर समेत दो लोगों को लौटाई गई 3.79 लाख रुपये की धनराशि
डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को जाल में फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई हड़प रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर तो कभी कस्टमर केयर का फर्जी नंबर देकर लोगों को ठगा जा रहा है। ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिसमें आम लोग ही नहीं, अधिकारी और जागरूक नागरिक भी शिकार बन रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में एसएसबी ऑफिसर और एक अन्य व्यक्ति को साइबर अपराधियों ने ठगी का शिकार बनाया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनकी धनराशि वापस कराई गई।
साइबर ठगों के शिकार बने दो लोग, क्रेडिट कार्ड और फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए की गई ठगी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिनांक 02.03.2025 को एसएसबी के ट्रेनी अधिकारी पार्थ सारथी ने श्रीनगर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका फोन हैक कर लिया और उनके क्रेडिट कार्ड से 2,85,000 रुपये निकाल लिए। इसी तरह, कोटद्वार निवासी अवतार सिंह ने शिकायत दी कि उन्होंने फास्टट्रैक का रिचार्ज कराया था, लेकिन रिचार्ज न होने पर गूगल सर्च से कस्टमर केयर नंबर निकाला। उस नंबर पर कॉल करने के बाद उन्हें 94,107 रुपये की ऑनलाइन ठगी का शिकार बना लिया गया।
साइबर सेल ने की त्वरित कार्रवाई, पूरी धनराशि वापस कराई
रिपोर्ट्स के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर साइबर सेल श्रीनगर और कोटद्वार की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। जांच-पड़ताल और तकनीकी सहायता के माध्यम से दोनों पीड़ितों की ठगी गई रकम वापस उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई।
पुलिस टीम कोटद्वार:
- अपर उपनिरीक्षक दीपक अरोड़ा
- महिला मुख्य आरक्षी विमला नेगी
- मुख्य आरक्षी अरविन्द राय
- मुख्य आरक्षी आशीष नेगी
- आरक्षी अमरजीत
पुलिस टीम श्रीनगर:
- आरक्षी गौरव
- आरक्षी दीपशिखा तोमर
पीड़ितों ने अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पुलिस का आभार जताया।



