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धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हनोल में तैयार होगा सुनियोजित टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान
पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होती हैं। विशेष रूप से उत्तराखंड जैसे राज्यों में, जहां धार्मिक स्थलों का विशेष महत्व है, वहां सुव्यवस्थित पर्यटन योजनाएं न केवल आस्था को सहेजने में सहायक होती हैं बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। जौनसार बावर क्षेत्र के हनोल स्थित महासू देवता धाम को इसी दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
हनोल में महासू देवता धाम के मास्टर प्लान को लेकर जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जौनसार बावर क्षेत्र के हनोल में स्थित महासू देवता धाम को सुनियोजित तरीके से विकसित करने के लिए टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान तैयार किया जा रहा है। यह योजना मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप बनाई जा रही है, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधाओं और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखा जाएगा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट सभागार में आईएनआई डिजाइन कंसलटेंट और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इस योजना की समीक्षा की।
बैठक में निर्देश दिए गए कि हनोल क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सीवरेज, वाटर सप्लाई, सड़क चौड़ीकरण, घाट निर्माण, हेलीपैड, पार्किंग, तीर्थ पुरोहित आवास, धर्मशाला, और अन्य सुविधाओं को टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान में शामिल किया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि यह केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, इसलिए इसके विकास में पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखते हुए योजना बनाई जाएगी।
स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने पर रहेगा विशेष जोर
पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को मजबूत करने के लिए भी विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हनोल क्षेत्र के गांवों को होम स्टे विलेज के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोगों को होम स्टे योजना से जोड़ने के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। इसके अलावा, महासू देवता धाम में प्रस्तावित दुकानों में से 50 प्रतिशत दुकानों को महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए आरक्षित किया जाएगा, ताकि स्थानीय उत्पादों को उचित बाजार मिल सके।
ट्रैकिंग रूट और बुनियादी ढांचे में किए जाएंगे सुधार
हनोल क्षेत्र से होकर जाने वाले केदारकांठा एडवेंचर ट्रैक को भी पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रैकिंग रूट पर साइन बोर्ड, नेचर वॉक मार्ग, और अन्य बुनियादी सुधार किए जाएंगे। टोंस नदी के किनारे घाट निर्माण और एप्रोच रोड भी योजना का हिस्सा होंगे।
बैठक में आईएनआई डिजाइन कंसलटेंट द्वारा प्रस्तुत योजना के अनुसार, महासू देवता धाम में एराइवल प्लाजा, तीर्थ पुरोहित आवास, मंदिर सौंदर्यीकरण, क्यू मैनेजमेंट, पार्किंग, एप्रोच मार्ग, धर्मशाला, पब्लिक यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स, रेन शेल्टर और आस्था पथ निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी चकराता योगेश मेहर, आईएनआई डिजाइन कंपनी के कंसलटेंट धर्मेश गंगाडी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।



