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पिछले कई वर्षों से मसूरी विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण कार्य अटके हुए हैं। जिन सड़कों का शिलान्यास हो चुका है, वहां भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इसका असर स्थानीय निवासियों की आवाजाही, पर्यटन और विकास कार्यों पर पड़ रहा है। कई सड़कें वन विभाग की स्वीकृति के इंतजार में रुकी हुई हैं, जिससे जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
कैबिनेट मंत्री ने की समीक्षा बैठक
आज विधानसभा स्थित कार्यालय में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित सड़कों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के तहत बनने वाली सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई, जिसमें सामने आया कि कई सड़क परियोजनाएं वन विभाग की स्वीकृति के कारण लंबित हैं।
किन सड़कों के निर्माण में देरी?
बैठक में जिन प्रमुख सड़कों की चर्चा हुई, वे इस प्रकार हैं:
✅ बुरांशखण्डा-गढ़ मोटरमार्ग
✅ चामासारी-लुहारीगढ़ मोटरमार्ग
✅ मसराणा-मोटीधार लिंक मार्ग
✅ छमरोली-डोमकोट मोटरमार्ग
✅ चामासारी-तल्याणीगाड़ मोटरमार्ग
इनमें से तीन मोटरमार्गों को अगले 15 दिनों में वन विभाग से स्वीकृति मिलने की संभावना है। अन्य सड़कों के लिए भी वन विभाग को जल्द स्वीकृति देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
भिलाड़ू स्टेडियम के लिए भी जल्द मंजूरी
बैठक में भिलाड़ू स्टेडियम के लिए स्वीकृत सड़क मार्ग पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि अगले 10 दिनों में वन विभाग से मंजूरी मिलने की संभावना है।
निर्माण कार्यों में तेजी के निर्देश
कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि लंबित सड़कों का निर्माण जल्द शुरू किया जाए और वन विभाग से आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि—
🔹 किमाड़ी मोटरमार्ग का चौड़ीकरण जल्द शुरू किया जाए।
🔹 निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखी जाए।
🔹 जहां तारकोल से सड़क बनाना संभव न हो, वहां टाइल्स का उपयोग किया जाए।
अगली समीक्षा बैठक 5 अप्रैल को
मंत्री ने घोषणा की कि 5 अप्रैल 2025 को फिर से समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी ताकि प्रगति की जांच की जा सके।



