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जनपद टिहरी में पुलिस कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान, एड्स व संक्रमण से बचाव पर विशेष ध्यान
संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच जागरूकता जरूरी
पुलिसकर्मी लगातार जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात काम करते हैं। इस दौरान वे कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों के संपर्क में आ सकते हैं, जिससे उनकी सेहत पर खतरा बना रहता है। विशेष रूप से एचआईवी/एड्स जैसी बीमारियों के बारे में जागरूकता और समय पर बचाव के उपाय न केवल पुलिसबल के लिए बल्कि समाज के हर नागरिक के लिए आवश्यक हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जनपद टिहरी में पुलिस कर्मियों के लिए विशेष चिकित्सीय शिविर का आयोजन किया गया।

पुलिस कर्मियों के लिए विशेष चिकित्सीय शिविर आयोजित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 26 फरवरी 2025 को जनपद टिहरी के नरेंद्रनगर थाना परिसर में पुलिसकर्मियों के लिए एक विशेष चिकित्सीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को एचआईवी (HIV), एड्स (AIDS) और यौनजनित संक्रमण (STI) से बचाव और उनके उपचार के प्रति जागरूक करना था।
इस अभियान का संचालन जिला एड्स नियंत्रण समिति टिहरी गढ़वाल की टीम द्वारा किया गया। शिविर में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, होमगार्ड और पीआरडी जवानों ने भाग लिया। इस दौरान उपस्थित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एचआईवी संक्रमण के कारणों, लक्षणों, रोकथाम और उपचार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
डॉक्टरों की टीम ने दी विस्तृत जानकारी
शिविर में उपस्थित डॉ. दीक्षा कमोटी (मेडिकल ऑफिसर, जिला क्षय रोग अस्पताल नरेंद्रनगर) ने एचआईवी संक्रमण के फैलने के कारणों, उसके प्रभाव और बचाव के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
इसके अतिरिक्त, परामर्शदाता प्रेम टम्टा (श्री देव सुमन चिकित्सालय नरेंद्रनगर) और एचआईवी कोऑर्डिनेटर शांति प्रसाद बिजल्वाण ने भी पुलिसकर्मियों को यौनजनित संक्रमणों (STI) से जुड़ी समस्याओं, लक्षणों और उनके उपचार के बारे में जागरूक किया।
स्वास्थ्य सुरक्षा पर पुलिस प्रशासन की पहल
यह चिकित्सीय शिविर पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया एक महत्वपूर्ण प्रयास था। पुलिस बल अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अक्सर कई स्वास्थ्य जोखिमों से जूझता है, ऐसे में इस तरह की स्वास्थ्य जागरूकता पहल उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी।
स्वास्थ्य सुरक्षा सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। संक्रमण की रोकथाम और समय पर उपचार से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। ऐसे में जरूरी है कि अन्य जिलों में भी इस तरह के शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि पुलिसकर्मी और अन्य सुरक्षा बल स्वस्थ रहकर अपनी सेवाएं दे सकें।



