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क्या शिक्षा का सपना अब भी दूर है? ग्रामीण इलाकों में संसाधनों की कमी के चलते कई छात्राएं आगे की पढ़ाई से वंचित रह जाती हैं। लेकिन प्रशासन की तत्परता से अब इस स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है। देहरादून जिले के त्यूनी क्षेत्र में जिलाधिकारी के निरीक्षण से शिक्षा और सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
देहरादून, 25 फरवरी 2025 (सू.वि.) – ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों की कमी को दूर करने की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्यूनी क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया, जहां विद्यालय की छात्राओं को कई नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

विद्यालय को मिली ये नई सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में स्टडी टेबल, खेल सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षा संसाधनों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
- 100 नई स्टडी टेबल स्वीकृत – विद्यालय में वर्तमान में 150 छात्राओं के लिए मात्र 50 स्टडी टेबल उपलब्ध थीं, जिसे बढ़ाकर 150 टेबल करने का आदेश दिया गया।
- रोटीमेकर मशीन की सुविधा – छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए रोटी बनाने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए जिलाधिकारी ने रोटीमेकर मशीन लगाने की घोषणा की।
- स्मार्ट लाइब्रेरी की स्थापना – विद्यार्थियों की ज्ञानवृद्धि के लिए एटलस, डिक्शनरी, महापुरुषों की जीवनी, प्रतियोगी परीक्षाओं की पत्रिकाएं और अंग्रेजी समाचार पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
- बायोलॉजी और कॉमर्स की पढ़ाई के लिए प्रस्ताव – विद्यालय में दसवीं कक्षा के बाद विज्ञान (बायो) और कॉमर्स संकाय की अनुपलब्धता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को सीबीएसई को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए ताकि इन विषयों की पढ़ाई स्थानीय स्तर पर हो सके।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठाए गए अहम कदम
विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने तीन नई महिला सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति के निर्देश दिए, जिससे अब विद्यालय में कुल छह महिला सुरक्षा कर्मी होंगी।

खेल, योग और कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा
शारीरिक और मानसिक विकास के लिए विद्यालय में योग, कंप्यूटर और कराटे प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के लिए जिलाधिकारी ने योग टीचर, कंप्यूटर शिक्षक और स्पोर्ट्स कोच की नियुक्ति को स्वीकृति दी।
विद्यालय में जल आपूर्ति को लेकर निर्देश
विद्यालय में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने एसडीएम चकराता को जल संस्थान से समन्वय कर पानी की समस्या का समाधान निकालने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी चकराता योगेश मेहर, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, प्रधानाचार्य अनोखे लाल, वार्डन शीला नौटियाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की सुविधा और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन की यह पहल एक बड़ा कदम साबित हो सकती है। यदि इन निर्णयों को शीघ्र अमल में लाया गया तो न केवल छात्राओं की शिक्षा में सुधार होगा, बल्कि उन्हें सुरक्षित और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण भी मिल सकेगा।



