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उत्तरकाशी: पोलगांव टनल में कार्यरत कर्मियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक, फायर स्टेशन बड़कोट की टीम ने किया निरीक्षण
टनल निर्माण स्थलों पर अग्नि सुरक्षा क्यों है जरूरी?
टनल निर्माण स्थलों पर आग लगने की घटनाएं गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। भारी मशीनरी, ज्वलनशील पदार्थों और बिजली उपकरणों की मौजूदगी आग लगने की संभावना को बढ़ा देती है। एक छोटी सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिससे ना केवल जान-माल की हानि होती है बल्कि निर्माण कार्य भी प्रभावित होता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए अग्नि सुरक्षा जागरूकता बेहद जरूरी हो जाती है।
फायर स्टेशन बड़कोट की टीम ने किया टनल का निरीक्षण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में फायर स्टेशन बड़कोट की टीम द्वारा 24 फरवरी 2025 को सिलक्यारा-पोलगांव निर्माणाधीन टनल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान टनल के पोलगांव छोर और कैंप परिसर का विस्तृत निरीक्षण कर वहां स्थापित अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की गई।

कर्मचारियों को सिखाए गए अग्निशमन उपकरणों के उपयोग
निरीक्षण के दौरान फायर सर्विस की टीम ने टनल में कार्यरत कर्मचारियों को प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग और संचालन की विस्तृत जानकारी दी। कर्मियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने और अग्निशमन यंत्रों को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
निर्माण कार्यों में अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता
विशेषज्ञों के अनुसार, निर्माण स्थलों पर आग से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। इस तरह की जागरूकता मुहिम से दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकता है और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
अभियान से क्या मिलेगा फायदा?
- कर्मचारियों को आग से बचाव और त्वरित प्रतिक्रिया के उपायों की जानकारी मिलेगी।
- निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन बेहतर तरीके से किया जाएगा।
- आग लगने की स्थिति में कर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया से बड़े हादसे टल सकते हैं।
👉 आगे की योजना:
अग्नि सुरक्षा को लेकर इस तरह की जागरूकता मुहिम भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि निर्माण स्थलों पर काम करने वाले कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपायों की जानकारी मिलती रहे और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।



