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हैल्थ सेंटर में अव्यवस्थाओं पर डीएम की सख्ती, मौके पर दी कई सौगातें
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सवाल
ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद मरीजों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिलतीं, तो यह सवाल उठाता है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है? स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी, आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता और संसाधनों की बदइंतजामी आम समस्या बन चुकी है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए शहरों का रुख करना पड़ता है।

डीएम का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के हालिया दौरे के बाद जिलाधिकारी संविन बसंल ने त्यूणी स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और मौके पर ही कई फैसले लिए। उन्होंने अस्पताल में जरूरी उपकरणों और संसाधनों की कमी पर नाराजगी जताई और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर डीएम ने अस्पताल की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।

स्वास्थ्य केंद्र को मिली सौगातें
निरीक्षण के दौरान डीएम ने तत्काल प्रभाव से कई सुविधाओं की मंजूरी दी:
- नई अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन की स्वीकृति: मशीनों की कमी के कारण मरीजों को महीनों इंतजार करना पड़ता था, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
- रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती: अब मसूरी के रेडियोलॉजिस्ट महीने में दो बार त्यूणी में उपलब्ध रहेंगे।
- महिला चिकित्सक की नियुक्ति: जल्द ही अस्पताल में एक महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए क्लास बी उच्चीकरण प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं: अस्पताल में 5 नई इलेक्ट्रिक केतली, 15 हीटर और वार्ड आया एवं सफाई कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।
- प्रसव कक्ष में सुधार: बेड की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 करने और प्रसव के दौरान आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- मरीजों के लिए निःशुल्क दवाओं की व्यवस्था: अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
स्वास्थ्य अधिकारियों को मिली चेतावनी
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फाइलों में उलझाने के बजाय सीधे प्रस्ताव स्वीकृत करें और मरीजों को बेहतर सुविधाएं दें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को निर्देश दिया कि अगले निरीक्षण से पहले सभी सुविधाएं दुरुस्त की जाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित करने की घोषणा
डीएम ने यह भी घोषणा की कि त्यूणी स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉक्टरों, एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ को उनके प्रयासों के लिए 15 अगस्त को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में उठाए गए इस कदम से स्थानीय लोगों ने संतोष व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है और अगर यह सुधार लागू हो जाते हैं, तो यह क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत होगी। वहीं, कुछ लोगों ने चिंता जताई कि क्या यह केवल कागजी कार्यवाही तक ही सीमित रहेगा या वास्तव में सुधार होगा।
समाधान की ओर पहला कदम?
सरकारी अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए यह एक सकारात्मक पहल है, लेकिन क्या ये घोषणाएं हकीकत में बदलेंगी या फिर फाइलों में ही सिमटकर रह जाएंगी? यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा। फिलहाल, स्थानीय लोग इस फैसले से संतुष्ट दिख रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि त्यूणी स्वास्थ्य केंद्र में अब बेहतर इलाज मिलेगा।



