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चंपावत में लापता लोगों की तलाश और अज्ञात शवों की शिनाख्त अभियान तेज़, पुलिस की सक्रियता से मिली सफलता
क्या आपके किसी प्रियजन का अचानक लापता हो जाना सबसे बड़ा डर नहीं है? क्या बिना पहचान के पड़े अज्ञात शवों का सच कभी सामने आएगा? चंपावत पुलिस ने इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है।
अभियान के तहत तेज हुई कार्रवाई
उत्तराखंड में लापता व्यक्तियों की तलाश और अज्ञात शवों की पहचान के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक के आदेश पर, चंपावत जिले में इस अभियान को तेजी से लागू किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक चंपावत के निर्देश और पुलिस उपाधीक्षक (नोडल अधिकारी, एएचटीयू) के पर्यवेक्षण में, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) बनबसा की टीम ने पूरे जिले में व्यापक स्तर पर खोजबीन अभियान छेड़ा है।
गुमशुदाओं की तलाश में चला सर्च ऑपरेशन
इस विशेष अभियान के अंतर्गत, आज 24 फरवरी 2025 को चंपावत जिले की AHTU टीम ने थाना टनकपुर क्षेत्र में प्रचार-प्रसार किया और गुमशुदा व्यक्तियों के परिजनों से संपर्क कर भौतिक सत्यापन किया। इसके अलावा, लापता लोगों की जानकारी के लिए पोस्टर और पंपलेट बांटे गए।
सबसे महत्वपूर्ण बात, टनकपुर थाना क्षेत्र के तहत दर्ज मुकदमा अपराध संख्या- 141/2024, धारा-140(3) बीएनएस के तहत गुमशुदा व्यक्ति को खोज निकालने में सफलता मिली। पुलिस की लगातार की जा रही छानबीन के बाद, यह व्यक्ति पिथौरागढ़ जिले से बरामद किया गया। बरामदगी के बाद गुमशुदा व्यक्ति को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
लापता लोगों की खोज और अज्ञात शवों की पहचान पर ज़ोर
चंपावत पुलिस का यह अभियान लगातार जारी है। जिले में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश और अज्ञात शवों की पहचान के लिए शत-प्रतिशत प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई संदिग्ध जानकारी मिले या किसी अज्ञात व्यक्ति के बारे में पता चले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस तरह के अभियानों से ना सिर्फ गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों से मिलाया जा रहा है, बल्कि अज्ञात शवों की पहचान कर उनके परिजनों को अंतिम संस्कार का अधिकार भी दिया जा रहा है। यह अभियान पुलिस और जनता के सामूहिक प्रयास से ही सफल हो सकता है।



