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नशे की गिरफ्त में समाज: कैसे नशा तस्करों का नेटवर्क हमारी युवा पीढ़ी को कर रहा बर्बाद?
नशे का कारोबार समाज को खोखला कर रहा है। युवाओं में बढ़ती नशे की लत अपराध, मानसिक विकार, और पारिवारिक तकरार को जन्म दे रही है। सरकार और पुलिस प्रशासन लगातार इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन नशा तस्करों के संगठित नेटवर्क इसे और भी जटिल बना रहे हैं। हाल ही में देहरादून पुलिस ने नशे के कारोबार में लिप्त एक फरार तस्कर की संपत्ति कुर्क करने की कार्यवाही की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कानून अब और सख्ती से नशे के विरुद्ध कदम उठा रहा है।
ढोल बजाकर खोली नशा तस्कर की पोल, फरार आरोपी की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई
देहरादून पुलिस ने नशे के विरुद्ध बड़ा अभियान चलाते हुए मुजफ्फरनगर में की मुनादी, फरार अभियुक्त को अदालत में पेश होने का अल्टीमेटम
उत्तराखंड सरकार के “ड्रग फ्री देवभूमि 2025” के विजन को साकार करने के लिए देहरादून पुलिस लगातार नशे के व्यापार में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में, थाना राजपुर में दर्ज मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, थाना राजपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0-252/24 धारा 8/20/29 NDPS ACT के तहत अभियुक्त बबलू को 20 नवंबर 2024 को 61 किलो अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। इसी मामले में वांछित अन्य अभियुक्त जावेद, पुत्र मुबारक, निवासी तेवर, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) लगातार फरार चल रहा था।
अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अदालत से गैर-जमानती वारंट प्राप्त किया था, लेकिन लगातार फरारी के चलते अदालत से 84 BNSS के तहत अभियुक्त की संपत्ति कुर्क करने की अनुमति ली गई। इसके तहत, दिनांक 22 फरवरी 2025 को देहरादून पुलिस की टीम मुजफ्फरनगर स्थित अभियुक्त जावेद के आवास पर पहुंची और कुर्की की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की।
ढोल बजाकर हुई मुनादी, मोहल्ले में चस्पा किए गए आदेश
कानूनी प्रक्रिया के तहत, देहरादून पुलिस ने जावेद के घर के बाहर नोटिस तामील किया और मोहल्ले में ढोल बजाकर सार्वजनिक मुनादी कराई। दो गवाहों की उपस्थिति में अभियुक्त के आवास सहित मोहल्ले के मुख्य स्थानों व चौराहों पर धारा 82 सीआरपीसी के तहत उद्घोषणा चस्पा की गई।
इस दौरान स्पष्ट किया गया कि यदि अभियुक्त जावेद निर्धारित समय में अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
कानून का संदेश: नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
देहरादून पुलिस का यह सख्त रुख साफ दर्शाता है कि नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। “ड्रग फ्री देवभूमि” अभियान के तहत लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई न केवल तस्करों पर शिकंजा कस रही है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रही है कि नशे के कारोबारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
समाज की जिम्मेदारी: नशे के खिलाफ एकजुट हों
नशे का जाल हमारी आने वाली पीढ़ी को अंधकार की ओर धकेल रहा है। ऐसे में, केवल पुलिस कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय को इस गंभीर समस्या से बचाने के लिए सतर्क रहें। यदि कहीं नशे की बिक्री या तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह लड़ाई सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।



