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ग्राम्य विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने पहुंची कॉमन रिव्यू मिशन टीम, ग्रामीणों से लिया फीडबैक
क्या सरकारी योजनाएं वाकई जमीनी स्तर पर असरदार हो रही हैं? ग्रामीण विकास के लिए बनाई गई नीतियों का असली प्रभाव क्या है? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए भारत सरकार की कॉमन रिव्यू मिशन (सी.आर.एम.) टीम ने उत्तराखंड के टिहरी जनपद में ग्राम पंचायत कोडरना का दौरा किया। टीम ने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से सीधा संवाद कर उनके फीडबैक लिए।

योजनाओं की समीक्षा और ग्रामीणों से बातचीत
शनिवार को ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सातवें कॉमन रिव्यू मिशन (सी.आर.एम.) के अध्यक्ष संजय अग्रवाल और सदस्य मानस के नेतृत्व में टीम ने टिहरी जनपद के नरेंद्रनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत कोडरना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), विभिन्न पेंशन योजनाएं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), हर घर नल-हर घर जल योजना, जीपीडीपी और क्लीन एंड ग्रीन विलेज योजना जैसे कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति को समझा और अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।
टीम ने ग्राम पंचायत भवन का निरीक्षण किया और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं से मुलाकात कर उनके द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। अधिकारियों ने उत्पादन और बिक्री बढ़ाने के लिए उचित प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की दिशा में कार्य करने की सलाह दी।

योजनाओं की चुनौतियां और आवश्यक सुधार
निरीक्षण के दौरान सी.आर.एम. अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए तथा योजनाओं की कमियों को चिह्नित कर दूर किया जाए। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों की क्षमता बढ़ाने, उन्हें प्रशिक्षण देने और उनके उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग और ग्रेडिंग पर भी जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत लाभार्थियों की सही पहचान और सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि जरूरतमंद लाभार्थियों को उनका अधिकार मिल सके।
प्रधानमंत्री सड़क योजना और पीएम आवास योजना का निरीक्षण
टीम ने कैल (कोल) से कोडरना तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी सड़कों का निरीक्षण किया और कैल गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के अंतर्गत बने मकानों का दौरा कर लाभार्थियों से जानकारी ली।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने के लिए क्यूआर कोड बोर्ड लगाने की पहल की जा रही है, जिससे लाभार्थी की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी। इसके अलावा, जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा के लिए बांस की बाड़ (Bamboo Fencing) लगाने पर भी जोर दिया गया।
निरीक्षण में कौन-कौन शामिल रहा?
निरीक्षण के दौरान पीडी डीआरडीए पी.एस. चौहान, डीडीओ टिहरी मो. असलम, डीडीओ देहरादून सुनील कुमार, प्रधान सुनीता देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अनिल भट्ट, सीएओ विजय देवराड़ी, डीपीआरओ एम.एम. खान, डीएचओ सी.एस. बिस्ट, ग्राम विकास अधिकारी अरविंद उनियाल, बीएमएम एनआरएलएम नरेंद्रनगर सौरभ निर्मोही सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कॉमन रिव्यू मिशन की यह समीक्षा न केवल योजनाओं के जमीनी हालात को समझने का एक प्रयास थी, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि कई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जागरूकता और सुधार की जरूरत है। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का सही लाभ उन्हीं को मिल पाएगा, जो इन तक पहुंच बना सकेंगे। अधिकारियों को चाहिए कि वे ग्रामीणों तक योजनाओं की जानकारी सही तरीके से पहुंचाएं और उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता रखें।



