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हरिद्वार जीआरपी की अपराध गोष्ठी: खोए मोबाइल लौटाए, महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर जोर
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के मोबाइल चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं, जिससे यात्री परेशान थे। खोए हुए फोन में न केवल संपर्क नंबर बल्कि निजी और संवेदनशील डेटा भी होता है, जिसका गलत उपयोग संभव है। इस समस्या को देखते हुए जीआरपी हरिद्वार ने विशेष अभियान चलाया और यात्रियों को उनके गुम हुए मोबाइल लौटाए। साथ ही, रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया।
110 गुम हुए मोबाइल यात्रियों को लौटाए
जीआरपी हरिद्वार ने शारदीय कांवड़ मेला-2025 के दौरान यात्रियों के 110 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कुल कीमत लगभग 18 लाख रुपये आंकी गई। बरामद मोबाइल फोन उनके असली स्वामियों को लौटाए गए, जिससे यात्री बेहद खुश नजर आए।
अपराध गोष्ठी में महत्वपूर्ण निर्देश जारी
हरिद्वार जीआरपी सभागार में एसपी जीआरपी तृप्ति भट्ट ने अपराध गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें रेलवे सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इस गोष्ठी में दो पुलिसकर्मियों को सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया।
सम्मानित पुलिसकर्मी:
- कानि0 संजय (थाना जीआरपी लक्सर)
- कानि0 अनिल (थाना जीआरपी लक्सर)
इन्हें बिहार के रतनपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को बरामद करने और आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए ‘मैन ऑफ द मंथ’ सम्मान से नवाजा गया।
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
महिला अपराधों की रोकथाम के लिए एसपी तृप्ति भट्ट ने आदेश दिए कि प्रत्येक जीआरपी थाने में 24×7 एक महिला पुलिसकर्मी तैनात रहनी चाहिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता मिल सके।
अपराध नियंत्रण को लेकर निर्देश:
- हॉटस्पॉट चिन्हीकरण: थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि मोबाइल चोरी, लूट या अन्य अपराधों के हॉटस्पॉट को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
- एनबीडब्ल्यू तामील में तेजी: लंबित गैर-जमानती वारंट (NBW) को जल्द से जल्द तामील कराया जाए।
- महत्वपूर्ण जीडी एंट्री का निरीक्षण: सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे स्वयं महत्वपूर्ण जीडी एंट्री की निगरानी करें।
- अज्ञात शवों की त्वरित पहचान: रेलवे ट्रैक पर पाए जाने वाले अज्ञात शवों की जल्द से जल्द पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
- ट्रेनों में चोरी रोकने के उपाय: ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पहले पकड़े गए अपराधियों और गैंगों की निगरानी की जाए।
- भिखारियों का सत्यापन: रेलवे स्टेशनों पर अवैध रूप से घूम रहे भिखारियों का सत्यापन कर उचित अभिलेखीकरण किया जाए।
- हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार: यात्रियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112, 139 और 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
- पत्थरबाजी रोकथाम अभियान: रेलवे सुरक्षा बल के साथ समन्वय स्थापित कर पत्थरबाजी वाले क्षेत्रों में निगरानी और कानूनी कार्रवाई की जाए।
अपराध गोष्ठी के अंत में एसपी तृप्ति भट्ट ने सभी थाना प्रभारियों को अपराध नियंत्रण के लिए सतर्क रहने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत जीआरपी को दें ताकि रेलवे क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।



