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पिथौरागढ़ में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, पुलिस ने आरोपी को कानून के शिकंजे में जकड़ा
फर्जी नौकरी के झांसे में गंवाए लाखों, पुलिस की सख्त कार्रवाई
आज के दौर में फर्जीवाड़े के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। खासकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले लोग भोले-भाले युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते हैं। ऐसा ही एक मामला पिथौरागढ़ में सामने आया, जहां एक युवक को ग्रिफ (GREF) में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹1,72,000 की ठगी का शिकार बनाया गया।
पुलिस ने किया कानूनी शिकंजा कसने का दावा
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ के गुंजी क्षेत्र में ग्रिफ के साथ काम करने वाले विजय किशोर खंडूरी (पुत्र गंगाधर खंडूरी, निवासी भरत नगर, थाना डिवीजन 2, पठानकोट, पंजाब) ने एक स्थानीय युवक को नौकरी का झांसा देकर पैसे ऐंठे थे।
शिकायत के बाद फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट ने मामले की जांच की और ठोस प्रमाण जुटाने के बाद थाना पांगला में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। तकनीकी और मैन्युअल इनपुट्स के आधार पर पुलिस टीम ने विजय किशोर खंडूरी को तस्दीक कर लिया और बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी कर कानून के शिकंजे में जकड़ लिया।
पुलिस की विशेष टीम की कार्रवाई
इस मामले में पिथौरागढ़ पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के मार्गदर्शन में फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट और साइबर टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस टीम में शामिल थे:
- उप-निरीक्षक बसंत पंत
- कांस्टेबल रघुवीर सिंह
- उप-निरीक्षक मनोज पांडे (प्रभारी साइबर/सर्विलांस)
- हेड कांस्टेबल हेम चंद्र सिंह
- कांस्टेबल कमल तुलेरा
- हेड कांस्टेबल अशोक कुमार (फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट)
- कांस्टेबल आनंद राणा (फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट)
युवाओं को सतर्क रहने की सलाह
इस घटना के बाद पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अगर किसी को ऐसी धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया है, तो बिना देर किए पुलिस के साइबर सेल या फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट से संपर्क करें।



