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बुजुर्गों और जरूरतमंदों के लिए राहत: जिला प्रशासन का ‘सारथी’ बना सहारा
देहरादून, 18 फरवरी 2025 – उम्र के अंतिम पड़ाव में जब बुजुर्गों को अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, तो यह उनके लिए बेहद कठिन और मानसिक रूप से थकाने वाला अनुभव होता है। कई बार शारीरिक असमर्थता और संसाधनों की कमी के कारण वे अपनी शिकायतें दर्ज नहीं करा पाते, जिससे उन्हें न्याय मिलने में देरी होती है। इसी समस्या को देखते हुए, जिला प्रशासन ने ‘सारथी’ नामक परिवहन सुविधा की शुरुआत की है, जो जरूरतमंदों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
‘सारथी’ सेवा: बुजुर्ग फरियादियों के लिए राहत
जिलाधिकारी सविन बसंल द्वारा जिला कार्यालय में आने वाले फरियादियों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए ‘सारथी’ वाहन की व्यवस्था की गई है। इस सेवा के माध्यम से जरूरतमंदों को संबंधित सरकारी कार्यालयों तक सुगमता से पहुंचाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सेवा अब तक लगभग 15 फरियादियों को उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचा चुकी है।
अधिकांश शिकायतें बुजुर्गों की प्रताड़ना से संबंधित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘सारथी’ के माध्यम से लाए गए अधिकतर मामलों में बुजुर्गों की प्रताड़ना से जुड़ी शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थापित सीनियर सिटीजन सेल में भेजा जाता है, जहां उनकी उचित सुनवाई की जाती है। इसके अलावा, कुछ शिकायतें मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों से संबंधित होती हैं, जहां उचित समाधान के लिए उन्हें भेजा जाता है।
जनसुनवाई और त्वरित समाधान
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जनता दर्शन और जनसुनवाई कार्यक्रमों के दौरान भी ‘सारथी’ सेवा का उपयोग किया जा रहा है। इससे फरियादियों को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ती और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से न केवल वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिल रही है, बल्कि सरकारी सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता भी बढ़ रही है।
प्रभाव और भविष्य की योजना
‘सारथी’ सेवा की शुरुआत के बाद से, बुजुर्ग फरियादियों के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को सुगम और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रशासन द्वारा इस सेवा के विस्तार की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद नागरिक इसका लाभ उठा सकें।



