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देहरादून, 15 फरवरी 2025 – क्या आत्मनिर्भरता की राह पर चलने वाली महिलाएं अब नए अवसरों से सशक्त हो पाएंगी? जनपद में आधुनिक आउटलेट/कैफे/रेस्टोरेंट निर्माण की योजना महिला स्वंय सहायता समूहों के लिए आर्थिक मजबूती का नया द्वार खोल रही है। यह परियोजना न केवल उनके उत्पादों को एक व्यापक बाजार देगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
परियोजना की दिशा और उद्देश्य
जनपद में महिला स्वंय सहायता समूहों की आजीविका बढ़ाने और राज्य के स्थानीय उत्पादों को विपणन के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशन में आधुनिक आउटलेट/कैफे/रेस्टोरेंट स्थापित किए जा रहे हैं। 22 नवंबर 2024 को आयोजित एक प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा इस परियोजना की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद इस योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया।

चार प्रमुख स्थानों पर खुलेगा पहला चरण
शुरुआती चरण में जिले के चार प्रमुख स्थानों पर आधुनिक आउटलेट/कैफे/रेस्टोरेंट खोले जाएंगे:
- कचहरी परिसर
- सुद्धोवाला (पंचायतघर के निकट)
- कोरोनेशन अस्पताल
- गुच्चुपानी पर्यटन स्थल
परियोजना से मिलने वाले लाभ
- रोजगार के नए अवसर: प्रत्येक आउटलेट से लगभग 25 महिलाओं को सीधा रोजगार मिलेगा।
- स्थानीय उत्पादों का विपणन: पहाड़ी व्यंजन और जैविक उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने का सुनहरा अवसर।
- पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुविधाएं: गुच्चुपानी और सुद्धोवाला में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जबकि कोरोनेशन अस्पताल और कचहरी परिसर में आने वाले लोगों को पौष्टिक और गुणवत्ता युक्त भोजन मिलेगा।
- राज्य की आर्थिकी को मजबूती: इस पहल से उत्तराखंड के जैविक और पारंपरिक उत्पादों को नया बाजार मिलेगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम
यह पहल केवल एक व्यावसायिक योजना नहीं बल्कि महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक मजबूत कदम है। जिलाधिकारी सविन बसंल, जो पहले नैनीताल में आधुनिक किचन स्थापित कर चुके हैं, इस परियोजना को सफल बनाने के लिए प्रयासरत हैं।

भविष्य की संभावनाएं
यह परियोजना सफल होने पर अन्य जिलों में भी लागू की जा सकती है, जिससे महिला स्वंय सहायता समूहों को एक व्यापक स्तर पर रोजगार और विपणन का अवसर मिलेगा। इस योजना के तहत और अधिक स्थानों पर आउटलेट्स खोलने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।
सरकार और जनता से अपील
इस योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार, प्रशासन और स्थानीय नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को एक नई पहचान मिलेगी और महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी।
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