आप को बता दे
हर साल आग लगने की घटनाओं में हजारों लोग जान गंवा देते हैं। सही समय पर दमकल विभाग की प्रतिक्रिया न सिर्फ जान बचाती है, बल्कि करोड़ों की संपत्ति भी सुरक्षित रखती है। लेकिन क्या हमारे अग्निशमन केंद्र पूरी तरह तैयार हैं? इसी सवाल के जवाब में टनकपुर अग्निशमन केंद्र का अर्द्ध वार्षिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण की प्रमुख बातें
रिपोर्ट के अनुसार, 15 फरवरी 2025 को पुलिस उपमहानिरीक्षक अग्निशमन एवं आपात सेवा उत्तराखंड देहरादून और पुलिस अधीक्षक चंपावत के निर्देश पर टनकपुर के पुलिस उपाधीक्षक शिवराज सिंह राणा द्वारा अग्निशमन केंद्र का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण 1 जुलाई 2024 से 31 दिसंबर 2024 की अवधि को ध्यान में रखते हुए किया गया।

सुव्यवस्थित अभिलेख और अनुशासन पर जोर
निरीक्षण की शुरुआत में फायर स्टेशन के एलएफएम (लीड फायरमैन) वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में उपस्थित कर्मचारियों ने सलामी दी। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक ने प्रशासनिक भवन, स्टोर, भोजनालय और कर्मचारी बैरक का निरीक्षण किया। सभी सरकारी अभिलेख व्यवस्थित पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि विभागीय दस्तावेजी कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
कर्मचारियों से संवाद और उपकरणों की जांच

निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा गया, लेकिन किसी ने कोई विशेष समस्या नहीं बताई। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को अनुशासन में रहते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उपलब्ध अग्निशमन वाहनों, मशीनों और आपदा उपकरणों को चालू कर उनकी कार्यक्षमता जांची गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी उपकरणों को हमेशा आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रखा जाए।
क्या सुधार की जरूरत है?
हालांकि निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या इन व्यवस्थाओं की निरंतर जांच और सुधार हो रहे हैं? आगजनी जैसी आपदाओं से निपटने के लिए दमकल विभाग की तत्परता और संसाधनों को और मजबूत करने की जरूरत है।
समाज की भागीदारी जरूरी
आपदा से बचाव सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। आम नागरिकों को आग लगने की स्थिति में प्राथमिक सुरक्षा उपायों की जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए दमकल विभाग को अधिक जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है।
निष्कर्ष और अपील
इस निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि टनकपुर अग्निशमन केंद्र अपनी जिम्मेदारियों को लेकर सतर्क है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि समय-समय पर उपकरणों की जांच करता रहे और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करे। इसके अलावा, जनता को भी आगजनी से बचाव के तरीकों की जानकारी दी जानी चाहिए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।



