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पिथौरागढ़ में अग्नि सुरक्षा की अनदेखी खतरे में डाल सकती है जीवन! फायर उपकरणों की जांच और डेमो से सामने आई अहम खामियां
क्या हम सच में आग से सुरक्षित हैं?
आग एक छोटी सी चिंगारी से भी भयानक तबाही मचा सकती है। बाजारों, सिनेमाघरों, क्लीनिकों और संस्थानों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन क्या ये स्थान वास्तव में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं? हाल ही में पिथौरागढ़ जिले में अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं, जो आग से बचाव के प्रति लापरवाही को उजागर करती हैं।

फायर उपकरणों की जांच और डेमो से उजागर हुई खामियां
रिपोर्ट्स के अनुसार, 14 फरवरी 2025 को पुलिस उपमहानिरीक्षक अग्निशमन एवं आपात सेवा देहरादून और पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ के आदेशानुसार अग्निशमन विभाग की टीम ने भारतीय खाद्य निगम ऐचोली में आग से सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण किया और एक डेमो प्रस्तुत किया। इसके अलावा, टीम ने गणेश आयुर्वेद क्लीनिक एवं पंचकर्म सेंटर (जाखनी) और रॉयल सिनेमा एलएलपी स्टेट म्यूजियम एवं ऑडिटोरियम (नैनीसैनी) का भी फायर सुरक्षा निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन उपकरणों की जांच की गई और संबंधित संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विशेषज्ञों ने पाया कि कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरणों का रखरखाव सही से नहीं किया गया था, जिससे आग लगने की स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
क्या अग्नि सुरक्षा को हल्के में ले रहे हैं संस्थान?
अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक, आग से बचाव के लिए हर संस्थान में फायर उपकरणों की मौजूदगी और उनकी नियमित जांच अनिवार्य है। हालांकि, निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कई जगहों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जा रही है।

समय रहते कार्रवाई जरूरी
अगर आग लगती है और सुरक्षा उपकरण काम नहीं करते, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। इसीलिए अग्निशमन विभाग की ओर से सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों, और संस्थानों को अपने अग्नि सुरक्षा उपायों की पुनः जांच कराने और उन्हें अपडेट रखने की अपील की गई है।
जनता और संस्थानों के लिए यह चेतावनी है कि अग्नि सुरक्षा को गंभीरता से लें, अन्यथा छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।



