Monday, February 16, 2026
Google search engine
Homeउत्तराखंडदेहरादून में भूमि फर्जीवाड़े पर सख्ती: राज्य का पहला डेडिकेटेड कंप्यूटर कियोस्क...

देहरादून में भूमि फर्जीवाड़े पर सख्ती: राज्य का पहला डेडिकेटेड कंप्यूटर कियोस्क सेंटर तैयार, जल्द होगा लोकार्पण

आप को बता दे

भूमि फर्जीवाड़े के बढ़ते मामले और प्रशासन की सख्ती

भूमि खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार बिचौलियों और दलालों के जाल में फंसकर लोग गलत दस्तावेजों के आधार पर जमीन खरीद लेते हैं या फिर रजिस्ट्री प्रक्रिया में हेरफेर का शिकार हो जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने एक सख्त कदम उठाया है।

राज्य का पहला डेडिकेटेड कंप्यूटर कियोस्क सेंटर तैयार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून जिले में राज्य का पहला डेडिकेटेड कंप्यूटर कियोस्क सेंटर तैयार कर लिया गया है, जिसका जल्द ही लोकार्पण किया जाएगा। यह कियोस्क रजिस्ट्री कार्यालय के पास स्थापित किया गया है, जहां आम नागरिक ई-रजिस्ट्रेशन वेबसाइट के माध्यम से भूमि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य बिचौलियों और दलालों के प्रभाव को खत्म करना और नागरिकों को पारदर्शी तरीके से भूमि रिकॉर्ड की जानकारी उपलब्ध कराना है।

डीएम की सख्त चेतावनी, फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के आदेश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने भूमि फर्जीवाड़े को रोकने के लिए प्रभावी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि भूमि धोखाधड़ी का सबसे बड़ा कारण नागरिकों को रजिस्ट्री और भूमि रिकॉर्ड की सही जानकारी न होना है। इस गैप को खत्म करने के लिए कंप्यूटर कियोस्क सेंटर की स्थापना की गई है, जिससे नागरिक खुद ही अपनी जमीन की स्थिति की जांच कर सकेंगे और बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

रजिस्ट्रार कार्यालय की लचर कार्यप्रणाली पर कार्रवाई

रजिस्ट्री प्रक्रिया में गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े के मामलों को देखते हुए जिलाधिकारी ने रजिस्ट्रार कार्यालय की लचर कार्यप्रणाली पर भी कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने एडीएम को एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, यह भी कहा गया है कि नागरिकों को जागरूक करने के लिए सभी संबंधित कार्यालयों में महत्वपूर्ण बिंदुओं को दर्शाने वाले फ्लैक्स लगाए जाएंगे।

भूमि खरीदने से पहले जांच के निर्देश

डीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति भूमि खरीदने से पहले खतौनी, दाखिला चेक और विक्रेता की आईडी की जांच अनिवार्य रूप से करे ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके। इसके लिए प्रशासन द्वारा व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा।

प्रशासन की पहल से जनता को राहत

इस नई व्यवस्था से भूमि खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिक खुद ही ऑनलाइन माध्यम से भूमि रिकॉर्ड की पुष्टि कर सकेंगे। इस पहल से बिचौलियों और दलालों की पकड़ कमजोर होगी और आम जनता को राहत मिलेगी। प्रशासन का यह कदम भूमि धोखाधड़ी रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments