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बागेश्वर में सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति अभियान, छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक
क्या हमारी लापरवाही हमारी जान पर भारी पड़ सकती है?
भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है। लापरवाही, यातायात नियमों की अनदेखी और नशे की आदतें इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। हर दिन सैकड़ों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं, और कई लोग स्थायी रूप से विकलांग हो जाते हैं। जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे हादसों को रोकने का एकमात्र तरीका है। इसी उद्देश्य से बागेश्वर पुलिस ने छात्रों को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया।

सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति को लेकर विशेष अभियान
बागेश्वर पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के (IPS) के निर्देशानुसार जिले के सभी थाना प्रभारियों को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक अजय लाल शाह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कैलाश सिंह नेगी के नेतृत्व में अ0उ0नि0 हेमा बुद्धियाल और अ0उ0नि0 प्रदीप गर्बयाल द्वारा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, बहुली बागेश्वर में एक जन जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
छात्र-छात्राओं को दी गई अहम जानकारी
इस अभियान के तहत विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं—
🔹 यातायात नियमों की जानकारी: छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट व सीट बेल्ट के महत्व और दुर्घटनाओं से बचने के उपाय बताए गए।
🔹 नशे के दुष्प्रभाव: नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में समझाया गया, साथ ही विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की अपील की गई।
🔹 बाल अपराध और महिला सुरक्षा: “गुड टच-बैड टच” के बारे में जानकारी दी गई और छात्रों को बाल अपराध और महिला सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया।
🔹 पुलिस हेल्पलाइन नंबर्स की जानकारी: किसी भी आपात स्थिति में मदद पाने के लिए डायल 112, 1090 (महिला हेल्पलाइन) और 1098 (बाल हेल्पलाइन) की जानकारी दी गई।
🔹 साइबर क्राइम से बचाव: छात्रों को साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय बताए गए, जैसे कि किसी अजनबी से ऑनलाइन दोस्ती न करना, बैंकिंग डिटेल साझा न करना और किसी संदिग्ध लिंक या QR कोड को स्कैन न करना। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
🔹 शिक्षा और लक्ष्य की ओर प्रेरित किया गया: छात्रों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी गई।

परिवार और समाज में भी जागरूकता बढ़ाने की अपील
अभियान के अंत में सभी छात्र-छात्राओं से अनुरोध किया गया कि वे यह महत्वपूर्ण जानकारी अपने परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों तक भी पहुँचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक होकर सुरक्षित जीवन जी सकें।



