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रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजारों में अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा था, जिससे पैदल चलने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। सड़कों पर फैले सामान और अव्यवस्थित ठेले-खोमचे न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे थे, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा रहे थे। इस समस्या को देखते हुए, पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्णय लिया।
पुलिस की कार्रवाई और व्यापारियों को सख्त निर्देश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 फरवरी 2025 को पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग मनोज नेगी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कस्बे के विभिन्न हिस्सों में अभियान चलाया। इस दौरान उन व्यापारियों को चिन्हित किया गया जो अपनी दुकानें सड़क पर फैलाकर यातायात को बाधित कर रहे थे। पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस अधिनियम के तहत नोटिस जारी करते हुए उन्हें 2 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने की सख्त चेतावनी दी।

यातायात सुधार और आम जनता की सुविधा के लिए उठाया गया कदम
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाजार में अतिक्रमण की समस्या को खत्म कर यातायात को सुचारु बनाना है। पुलिस ने व्यापारियों को निर्देश दिए कि वे अपना सामान केवल सफेद पट्टी के भीतर ही रखें और निर्धारित स्थानों पर ही दुकानें संचालित करें, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों का सहयोग
पुलिस के इस कदम को स्थानीय व्यापार मंडल का भी समर्थन मिला। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को इस अभियान के महत्व को समझाते हुए पुलिस ने बताया कि यह न केवल यातायात सुधार के लिए जरूरी है, बल्कि बाजार को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में भी मदद करेगा।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि व्यापारी प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हैं या नहीं। यदि इस अभियान को गंभीरता से लिया गया और समय-समय पर निरीक्षण किया गया, तो निश्चित रूप से बाजार में यातायात की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।



