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पौड़ी: साइबर अपराध, नशा और सोशल मीडिया के खतरों से बचाने के लिए पुलिस का विशेष जागरूकता अभियान जारी
क्या आपके बच्चे सुरक्षित हैं? क्या उन्हें साइबर अपराध, नशे और सोशल मीडिया के खतरों का ज्ञान है?
आज के डिजिटल युग में जहां एक ओर तकनीक ने हमारी जिंदगी को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराध, नशे और सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव युवाओं को गहरे संकट में डाल रहे हैं। पौड़ी पुलिस ने इन समस्याओं से निपटने और जनजागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

जागरूकता अभियान का उद्देश्य और महत्व
मिली जानकारी के अनुसार, पौड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में जाकर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों, युवाओं और आमजन को इन खतरों से आगाह करना और उन्हें सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक बनाना है।
स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम

इस निर्देश के तहत आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने राजकीय इंटर कॉलेज सुखरो, कोटद्वार और राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
प्रमुख बिंदु:
- डिजिटल सुरक्षा: छात्रों को साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकार, उनसे बचाव के उपाय और साइबर हेल्पलाइन नंबर (1930) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
- नशा और ड्रग्स के दुष्प्रभाव: नशे की लत से होने वाले सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को समझाया गया।
- सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव: छात्रों को सोशल मीडिया पर अपनी गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के तरीके बताए गए।
- सड़क सुरक्षा: सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी गई।
- मानव तस्करी और भिक्षावृत्ति: इन गंभीर समस्याओं को रोकने के लिए सतर्कता और जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जागरूकता का प्रसार और कार्रवाई की अपील
कार्यक्रम के दौरान जागरूकता संबंधित पर्चे वितरित किए गए और छात्रों, शिक्षकों व आमजन को प्रेरित किया गया कि वे इन पर्चों को सार्वजनिक स्थानों जैसे पंचायत भवन, बस स्टैंड और रास्तों पर चिपकाएं। साथ ही, सोशल मीडिया का उपयोग कर अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंचाने की अपील की गई।
जनता से अपील: खुद भी जागरूक बनें और समाज को भी जागरूक करें
इस अभियान का लक्ष्य न केवल छात्रों और युवाओं को सुरक्षित रखना है बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इन खतरों के प्रति सतर्क बनाना है। पौड़ी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल-112, महिला हेल्पलाइन 1090 या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।



