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ड़की रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मिली नाबालिग बालिका, चाइल्ड हेल्पलाइन को किया गया सुपुर्द
एक नाबालिग की लावारिस स्थिति और बच्चों की सुरक्षा का सवाल
क्या आपने कभी सोचा है कि लावारिस घूमते बच्चों का क्या होता है? रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों पर लावारिस अवस्था में मिले बच्चों की संख्या बढ़ रही है। यह न केवल समाज के लिए एक चेतावनी है, बल्कि इन मासूमों के भविष्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। इस तरह की घटनाएं बाल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
रेलवे स्टेशन पर बालिका की संदिग्ध स्थिति
रिपोर्ट्स के अनुसार, 25 जनवरी 2025 को रेलवे स्टेशन रुड़की पर जीआरपी की नियमित चेकिंग के दौरान एक नाबालिग बालिका लावारिस अवस्था में घूमती पाई गई। प्लेटफॉर्म पर मौजूद ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने बालिका को रोका और उसे जीआरपी चौकी लाया गया।
पूछताछ में नाम-पता बताने में असमर्थ
जीआरपी कर्मियों ने बालिका से पूछताछ की, लेकिन वह अपना नाम और पता बताने में असमर्थ रही। यह स्थिति चिंताजनक थी और बालिका की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को देखते हुए उसे सुरक्षित हाथों में सौंपने का निर्णय लिया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन को किया सुपुर्द
बालिका को रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन हरिद्वार के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद बाल कल्याण समिति, रोशनाबाद को भेजा गया, जहां उसके पुनर्वास और देखरेख के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
जीआरपी की सतर्कता ने टाला बड़ा खतरा
रेलवे पुलिस की सतर्कता और तुरंत कार्रवाई ने बालिका को किसी भी संभावित खतरे से बचा लिया। यह घटना समाज में जागरूकता बढ़ाने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रेरणा है।
अपील: बाल सुरक्षा को दें प्राथमिकता
ऐसी घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि बच्चों की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि आप सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी संदिग्ध स्थिति में बच्चों को देखते हैं, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।



