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नगरपालिका चुनाव की मतगणना में पुलिस बल की सुरक्षा तैयारी
नगरपालिका चुनाव का समय आते ही सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण चुनाव की प्रक्रिया पर चर्चा तेज हो जाती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने मतगणना के दिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वोटों की गिनती को निष्पक्ष रूप से सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सख्त सुरक्षा मानकों के चलते, मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का निर्देश दिया गया है। क्या ये इंतजाम चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में सफल होंगे? आइए जानते हैं, क्या है पूरी स्थिति।

पुलिस बल को ब्रीफ किया गया, सुरक्षा इंतजाम कड़े किए गए
25 जनवरी 2025 को नगर निकाय चुनाव की मतगणना के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने समस्त पुलिस अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए। मतगणना के लिए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर, सभी पुलिस अधिकारी और कर्मियों को समय पर अपने-अपने ड्यूटी स्थानों पर पहुंचने और आसपास के इलाकों की अच्छे से जांच करने के लिए कहा गया। इसके अलावा, मतगणना स्थल पर केवल अधिकृत व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, और किसी भी प्रकार की अनाधिकृत सामग्री की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सुरक्षा इंतजामों का विस्तार
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना के स्थल में मोबाइल का उपयोग पूरी तरह से निषेध रहेगा। इससे मतगणना प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए किसी भी व्यक्ति को मोबाइल साथ लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए भी कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि चुनाव परिणामों से संबंधित किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

सुरक्षा बल का आवंटन
नगरपालिका चुनाव के शांतिपूर्ण संचालन के लिए जनपद के विभिन्न मतगणना केन्द्रों पर कुल 614 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें निरीक्षक, उपनिरीक्षक, आरक्षी, महिला आरक्षी, पीएसी और होम गार्ड शामिल हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हिंसा से बचा जा सके।
पुलिस बल की तैनाती का विवरण
- कोटद्वार: कुल 210 पुलिस कर्मी (निरीक्षक-06, उपनिरीक्षक-26, मुख्य आरक्षी-45, आरक्षी-50, होम गार्ड-82)
- श्रीनगर: कुल 125 पुलिस कर्मी (निरीक्षक-04, उपनिरीक्षक-14, मुख्य आरक्षी-35, आरक्षी-20, होम गार्ड-51)
- पौड़ी: कुल 85 पुलिस कर्मी (निरीक्षक-01, उपनिरीक्षक-12, मुख्य आरक्षी-15, आरक्षी-30, होम गार्ड-25)
- लक्ष्मणझूला: कुल 100 पुलिस कर्मी (निरीक्षक-01, उपनिरीक्षक-15, मुख्य आरक्षी-24, आरक्षी-26, होम गार्ड-35)
- सतपुली: कुल 44 पुलिस कर्मी (निरीक्षक-01, उपनिरीक्षक-06, मुख्य आरक्षी-11, आरक्षी-10, होम गार्ड-16)
- थलीसैण: कुल 50 पुलिस कर्मी (निरीक्षक-02, उपनिरीक्षक-03, मुख्य आरक्षी-11, आरक्षी-15, होम गार्ड-20)
इन सुरक्षा इंतजामों के साथ, पुलिस प्रशासन ने मतगणना में किसी भी तरह की अव्यवस्था को टालने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अब यह देखने वाली बात होगी कि क्या इन सख्त सुरक्षा इंतजामों के बावजूद कोई गड़बड़ी होती है या नहीं।
सारांश
इस चुनावी मौसम में जहां सुरक्षा की गारंटी बेहद महत्वपूर्ण है, वहां पुलिस प्रशासन की यह तैयारी यह सुनिश्चित करने के लिए है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की हस्तक्षेप की संभावना को नष्ट किया जा सके। हम सभी को इस प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाते हुए चुनावी परिणामों को स्वीकार करना चाहिए।



