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कनिष्ठ सहायक परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, नकल रोकने के लिए बागेश्वर पुलिस सतर्क
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना किसी भी समाज की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और अवैध साधनों का प्रयोग एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, जो न केवल शिक्षा प्रणाली की साख को प्रभावित करता है, बल्कि योग्य उम्मीदवारों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, बागेश्वर पुलिस ने कनिष्ठ सहायक संवर्ग की लिखित परीक्षा को सुरक्षित और नकलविहीन तरीके से सम्पन्न कराने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।

पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में सख्त सुरक्षा इंतजाम
बागेश्वर पुलिस द्वारा 19 जनवरी 2025 को आयोजित कनिष्ठ सहायक संवर्ग की लिखित परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था को उच्चतम प्राथमिकता दी गई। पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए गए:

- आईडी और आधार चेकिंग
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और आईडी कार्ड की गहन जांच की गई। - महिला अभ्यर्थियों की विशेष जांच
महिला अभ्यर्थियों की तलाशी का कार्य महिला शिक्षकों और महिला पुलिसकर्मियों द्वारा किया गया। - इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की सख्त निगरानी
परीक्षा केंद्रों में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, ब्लूटूथ डिवाइस, पेन कैमरा, स्मार्ट बैंड आदि लाने पर सख्त पाबंदी रही। प्रवेश से पहले एचएचएमडी (हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर) से सभी अभ्यर्थियों की जांच की गई। - सीसीटीवी कैमरों की निगरानी
सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों और अन्य निगरानी उपकरणों से लैस किया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई। - संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी
परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी गई। - जोन और सेक्टर प्रणाली का संचालन
जनपद को दो जोन और सात सेक्टरों में बांटा गया। पुलिस उपाधीक्षक अंकित कंडारी और अजय लाल शाह के पर्यवेक्षण में परीक्षा केंद्रों पर सघन चेकिंग की गई। - भ्रामक सूचनाओं पर सतर्कता
परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने या अफवाहें फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी गई।
इस अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अभ्यर्थी नकल का सहारा लेकर अन्य योग्य उम्मीदवारों के अधिकारों का हनन न कर सके। बागेश्वर पुलिस की यह पहल शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



