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सीमान्त क्षेत्रों के बच्चों के लिए नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा हेतु पहली बार विशेष आवागमन सुविधा
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा तक पहुंच को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सीमित संसाधनों और परिवहन सुविधाओं की कमी के चलते कई बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लेने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में जनपद देहरादून के सीमांत क्षेत्र त्यूणी में पहली बार नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के लिए बच्चों के आवागमन हेतु वाहनों की विशेष व्यवस्था की गई। यह कदम बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने और उनकी प्रतिभा को सही मंच प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
डीएम ने दिलाई विशेष सुविधा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर सीमांत क्षेत्र के बच्चों को चकराता में आयोजित नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के परीक्षा केंद्र तक लाने और ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराए गए। यह सुविधा जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि से प्रदान की गई।
बच्चों और अभिभावकों का आभार
बच्चों और उनके अभिभावकों ने डीएम और मुख्य विकास अधिकारी को धन्यवाद दिया। इस पहल के कारण बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं हुई। त्यूणी के भूठ गांव के पूर्व पीटीआई अध्यक्ष भरत सिंह राणा ने इसे “पुनीत कार्य” करार देते हुए कहा कि इस प्रयास से कोई भी बच्चा परीक्षा देने से वंचित नहीं रहा।
जिले में संसाधनों को बढ़ावा
डीएम सविन बंसल ने सरकारी स्कूलों में संसाधन बढ़ाने और सीमांत क्षेत्रों के बच्चों के लिए विशेष व्यवस्थाएं करने पर जोर दिया। नवोदय विद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं को सुधारने के लिए बजट का प्रावधान भी किया गया है।
स्थानीय लोगों की सराहना
डीएम के प्रयासों की सराहना करते हुए स्थानीय निवासियों ने कहा कि यह पहल बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।



