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सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण—दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा में सुधार की नई पहल
आज के समय में शिक्षा केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि समाज के विकास का आधार भी है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सरकारें और प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, कई सरकारी स्कूल अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उन्हें आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित स्कूल उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इसी दिशा में देहरादून जनपद के जिलाधिकारी द्वारा महत्वाकांक्षी “उत्कर्ष प्रोजेक्ट” शुरू किया गया है, जो शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाईयों पर ले जाने का लक्ष्य रखता है।
उत्कर्ष प्रोजेक्ट: आधुनिक तकनीक से लैस होंगे स्कूल
देहरादून जनपद में जिलाधिकारी के निर्देशन में “उत्कर्ष प्रोजेक्ट” के तहत सरकारी स्कूलों में आधुनिक उपकरण और अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इस परियोजना के अंतर्गत हर स्कूल में वाइट बोर्ड, एलईडी लाइट्स, फर्नीचर और आउटडोर खेल सुविधाओं का इंतजाम किया जाएगा।
वित्तीय सहयोग और मॉनिटरिंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के लिए 25 लाख रुपये सीएसआर फंड से स्वीकृत किए गए हैं। हुडको और ओएनजीसी जैसी प्रमुख कंपनियां भी इस परियोजना में दिलचस्पी ले रही हैं। हुडको ने स्कूलों में एलईडी लाइट्स लगाने के लिए 2.5 करोड़ रुपये की योजना प्रक्रिया में डाल दी है, जबकि ओएनजीसी 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के फर्नीचर और अन्य उपकरण मुहैया कराने की तैयारी में है।
प्राथमिकता पर मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी इस प्रोजेक्ट की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को भी उनकी जरूरतों के आधार पर धनराशि आवंटित की गई है। इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने सामाजिक संगठनों और बड़े प्रतिष्ठानों से इस पहल में सहयोग करने का आह्वान किया है।
बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान
बच्चों की शैक्षणिक और व्यावसायिक शिक्षा के साथ-साथ उनके चरित्र निर्माण के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। हर स्कूल में अखबार, मैगजीन, शब्दकोश और महापुरुषों की जीवनियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों की कक्षाओं में मूलभूत सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण पोषण युक्त भोजन और स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है।
जनपद में शिक्षा का नया अध्याय
जिले के सभी स्कूलों में पानी, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी सभी सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है। यह परियोजना न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास है, बल्कि बच्चों के लिए एक स्वस्थ और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने का भी वादा है।



