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साइबर अपराधों का बढ़ता खतरा: ठगी के शिकार बन रहे लोग, पुलिस ने ठगों पर कसी नकेल
साइबर अपराध आज के डिजिटल युग में एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ये अपराध न केवल लोगों की मेहनत की कमाई छीन रहे हैं, बल्कि समाज में असुरक्षा की भावना भी बढ़ा रहे हैं। हाल ही में जनपद पौड़ी में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां साइबर ठगों ने 3 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस की तत्परता और कुशलता से इस अपराध का पर्दाफाश हुआ और अपराधियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया।
घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटद्वार निवासी हिमांशु वर्मा ने कोतवाली कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई कि एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर लुभावनी स्कीम का लिंक भेजकर 3 लाख रुपये की ठगी की। इस मामले में मु.अ.सं. 231/24 के तहत धारा 318(4) BNS के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी, लोकेश्वर सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक पुलिस टीम का गठन किया और अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
गिरफ्तारी का अभियान
पुलिस टीम ने अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवर के नेतृत्व में अभियुक्तों को पकड़ने के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास किए। तमाम चुनौतियों के बावजूद टीम ने राजस्थान के जोधपुर से अमन (21 वर्ष) और जसवंत (32 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
- अमन, उम्र 21 वर्ष, निवासी नेहरू कॉलोनी, जोधपुर।
- जसवंत, उम्र 32 वर्ष, निवासी जोधाणा कला, नागौर।
पुलिस टीम का योगदान
इस सफलता में उपनिरीक्षक पंकज तिवारी, मुख्य आरक्षी सुनील मलिक, और आरक्षी अमरजीत (साइबर सेल) की अहम भूमिका रही।
पुलिस द्वारा अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने साइबर अपराधों की गंभीरता को फिर से उजागर किया है और प्रशासन को इस दिशा में और सख्ती बरतने की आवश्यकता पर बल दिया है।



