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सड़कों की खुदाई के दौरान नियमों का पालन करना न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता के लिए आवश्यक है, बल्कि यह जनता की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। लापरवाही और शर्तों के उल्लंघन से सड़क हादसों की आशंका बढ़ जाती है और आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ता है। देहरादून में चल रहे सड़क निर्माण और भूमिगत विद्युत लाइनों के कार्यों में नियमों के उल्लंघन की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
जनपद देहरादून में रोड कटिंग के लिए निर्धारित शर्तों के लगातार उल्लंघन और लापरवाही के मामलों में जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन की बार-बार चेतावनी और नोटिस के बावजूद कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके चलते डीएम द्वारा तीन संबंधित थानों—राजपुर रोड, पटेलनगर, और नेहरू कॉलोनी—में एफआईआर दर्ज कराई गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूपीसीएल और एडीबी से जुड़े ठेकेदारों द्वारा सड़कों की कटाई के दौरान नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। इन ठेकेदारों को रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक ही कार्य करने की अनुमति थी, लेकिन कार्यदायी संस्थाएं दिन के समय भी सड़क खोदने का काम कर रही थीं। साथ ही, सड़कों पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जैसे कि बैरिकेडिंग और मलबे की उचित सफाई।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि सड़कों पर 100 मीटर के स्थान पर 300-400 मीटर तक खुदाई की जा रही थी, और खुदाई के बाद सड़कों को मानकों के अनुरूप बहाल नहीं किया जा रहा था। मलबा सड़क पर फैला रहता था और खुले गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे थे। डीएम की क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया टीम) ने निरीक्षण के दौरान इन खामियों की पुष्टि की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनमानस की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य से जुड़ी संस्थाओं को बार-बार चेताने के बावजूद सुधार नहीं होने पर कठोर कार्रवाई आवश्यक हो गई थी।



