आप को बता दे
साइबर अपराध आधुनिक युग में एक गंभीर चुनौती बन गया है। इंटरनेट के बढ़ते उपयोग ने जहां सुविधा और कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया है, वहीं साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ा है। यह अपराध न केवल व्यक्तिगत जानकारी को खतरे में डालते हैं, बल्कि आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव का कारण भी बनते हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाना और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करना समय की मांग है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, रुद्रप्रयाग जनपद के एसपी अक्षय प्रहलाद कोंडे ने वर्ष 2024 में साइबर सैल द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्राप्त शिकायतों की तुलना में बहुत कम अभियोग पंजीकृत किए गए, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत से साइबर शिकायतों पर सार्थक कार्रवाई करने और अधिकाधिक अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए।
एसपी ने यह भी निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों पर केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि साइबर सैल प्रत्येक शिकायत के हर पहलू पर कार्यवाही करे। इसके बाद ही संबंधित थानों को अभियोग पंजीकृत करने के लिए भेजा जाए। साथ ही, साइबर अपराधों के अनावरण के लिए प्रशिक्षण लेने और जटिल मामलों में एसटीएफ की सहायता लेने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अतिरिक्त, कोतवाली रुद्रप्रयाग की लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि पुराने लंबित मामलों का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर किया जाए। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग को अपने स्तर से भी विवेचनाओं की मॉनिटरिंग करने को कहा गया। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल, प्रभारी निरीक्षक मनोज नेगी, साइबर सैल प्रभारी राकेश कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



