आप को बता दे
भिक्षावृत्ति के दुष्प्रभाव और प्रशासनिक प्रयास
भिक्षावृत्ति एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना रही है। भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे न केवल शिक्षा और स्वस्थ जीवन से वंचित होते हैं, बल्कि यह गतिविधि उन्हें अपराध और शोषण की ओर भी धकेल सकती है। इस समस्या के समाधान हेतु प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

भिक्षावृत्ति के खिलाफ देहरादून में रेस्क्यू अभियान
दिनांक 1 जनवरी 2025 को, देहरादून की भिक्षावृत्ति रेस्क्यू टीम द्वारा ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट और आईटी पार्क क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान भिक्षावृत्ति में लिप्त दस बालकों और एक बालिका को रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू किए गए बच्चों की जनरल डायरी (जीडी) और मेडिकल जांच कराई गई, जिसके बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के निर्देशानुसार नौ बालकों को समर्पण (खुला आश्रय) भेजा गया, जबकि एक बालक और बालिका को राजकीय शिशु सदन में रखा गया।
प्रशासन का प्रयास
यह कार्रवाई रिपोर्ट्स के आधार पर की गई और इसका उद्देश्य इन बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराकर एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य प्रदान करना है। प्रशासन ने इस अभियान को बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।



