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पर्यावरण संरक्षण में इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका और देहरादून की नई पहल
बढ़ते प्रदूषण और घटते प्राकृतिक संसाधनों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। ईवी वाहनों का उपयोग न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि यह ईंधन पर निर्भरता कम करने का एक प्रभावी साधन भी है। हालांकि, ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार एक बड़ी चुनौती है। इसी दिशा में, देहरादून प्रशासन ने एक बड़ी पहल करते हुए शहर को इको-फ्रेंडली बनाने के लिए कदम बढ़ाए हैं।

देहरादून में 10 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित, लोकार्पण की तैयारी
देहरादून शहर में जल्द ही 10 इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने जा रहे हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में यह पहल राज्य के पहले अभिनव कार्यों में से एक है। गांधी पार्क और परेड ग्राउंड के सामने बनाए गए दो चार्जिंग स्टेशन पहले ही तैयार हो चुके हैं। इनका लोकार्पण प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही करेंगे।
शून्य लागत पर बड़ा बदलाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह परियोजना शहर के लिए पूरी तरह शून्य लागत पर लागू की गई है। ईवी चार्जिंग स्टेशन न केवल नागरिकों के लिए सुगम सुविधा प्रदान करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती देंगे।
प्रदूषण मुक्त देहरादून की ओर कदम
इस पहल से देहरादून शहर में ईवी वाहनों का रुझान बढ़ने की उम्मीद है। इससे ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी आएगी। जिलाधिकारी सविन बंसल का यह प्रयास देहरादून को एक स्वच्छ और हरित नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल
इन चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलेगी। यह पहल न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य के लिए भी पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने में सहायक होगी।



