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चमोली पुलिस ने अन्तर्राजीय साइबर ठग का किया भंडाफोड़, आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार
आजकल साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जो लोगों की मेहनत की कमाई को लूटने के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत जानकारी को भी जोखिम में डाल रहे हैं। व्हाट्सऐप नेटवर्क का उपयोग कर साइबर ठगों ने देशभर में कई लोगों को धोखा दिया है। ऐसे ही एक मामले में, चमोली पुलिस ने एक अन्तर्राजीय गैंग के शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो आंध्र प्रदेश से ऑपरेट कर रहा था।
ज्योंतिर्मठ कोतवाली में 16 अगस्त 2023 को भारतीय सेना के कैप्टन श्री सक्षम कक्कड़ ने एक साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर उनकी जानकारी के लिए ओटीपी लिंक भेजा। ओटीपी साझा करने के बाद, उनके खाते से 2,70,303 रुपये की धोखाधड़ी हो गई। इसके बाद, 17 अगस्त 2023 को मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि ठगी की राशि आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में जमा की गई थी। पुलिस ने इस खाते के धारक बी. मानिकंदन को ट्रैक किया और पता चला कि वह एक सक्रिय साइबर अपराधी है। इस ठग का मुख्य आरोपी, राजगुरु, जो लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, आखिरकार 19 मार्च, 2024 को चमोली पुलिस की एसओजी और साइबर सेल टीम ने केरल के कोठमांगलम से गिरफ्तार किया।
फिर भी यह जांच जारी थी, और पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी कारी सुरेश को विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश से 3 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया। सुरेश के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिससे यह खुलासा हुआ कि वह और उसका गैंग कई अंतर्राजीय व्हाट्सऐप ग्रुपों के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहा था। उन्होंने बैंक खातों की जानकारी प्राप्त कर धोखाधड़ी के लिए उनका उपयोग किया।
सुरेश के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें वह विभिन्न राज्यों के लोगों को धोखा देने के लिए ऑनलाइन जॉब्स, शादी और अन्य फर्जी सेवाएं प्रदान कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी ने एक बड़े साइबर अपराधी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
गिरफ्तारी टीम:
- थानाध्यक्ष संजय सिंह नेगी, नंदानगर घाट, चमोली
- कां. अरुण गैरोला, कोतवाली ज्योतिर्मठ
- कान. राजेन्द्र सिंह, सर्विलांस सेल
- कान. अंकित, सर्विलांस सेल



