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खुले में सीवर बहने से स्वास्थ्य और स्वच्छता पर खतरा, प्रशासन की बड़ी कार्यवाही
देशभर में स्वच्छता अभियान और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बढ़ते फोकस के बावजूद, खुले में सीवर बहने जैसी समस्याएं आज भी कई क्षेत्रों में आम हैं। यह न केवल पर्यावरण को दूषित करता है, बल्कि गंभीर बीमारियों के फैलने का भी कारण बनता है। खासतौर पर शहरी इलाकों में, जहां रेस्टोरेंट और बार जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का संचालन होता है, वहां सीवर और किचन के गंदे पानी के निपटान की सही व्यवस्था न होने से नागरिकों को असुविधा और संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसी तरह की एक समस्या पर देहरादून प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की है।

स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर जिलाधिकारी का कदम
देहरादून में दिनांक 3 दिसंबर 2024 को जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी के समक्ष यह शिकायत प्रस्तुत की कि राजपुर रोड स्थित एक काम्पलेक्स में संचालित अम्मा रेस्टोरेंट और अजूरे बार के किचन और सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। नागरिकों ने इसके साक्ष्य भी प्रस्तुत किए, जिसमें यह देखा गया कि यह गंदा पानी क्षेत्रवासियों के लिए न केवल असुविधा का कारण बन रहा है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ा रहा है।
एसडीएम कुमकुम जोशी के नेतृत्व में टीम का निरीक्षण
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर कुमकुम जोशी के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया और स्थल पर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। टीम में सहायक निदेशक/जिला सूचना अधिकारी बीसी नेगी, उपायुक्त/जिला आबकारी अधिकारी प्रभाकर मिश्रा और सहायक नगर आयुक्त राजवीर सिंह चौहान शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि नागरिकों द्वारा दी गई शिकायत सही है। काम्पलेक्स के अम्मा रेस्टोरेंट और अजूरे बार से निकलने वाला सीवर और किचन का पानी सड़कों पर खुले में बह रहा था। एसडीएम कुमकुम जोशी ने गंदगी और अस्वच्छता की स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त की और इसे स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरनाक बताया।
रेस्टोरेंट और बार सील, कानूनी कार्यवाही की संस्तुति
टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अम्मा रेस्टोरेंट और अजूरे बार को सील कर दिया। इसके साथ ही नगर पालिका अधिनियम और आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों पर कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई। प्रशासन ने आदेश दिया है कि जब तक सीवर और किचन के गंदे पानी का उचित निस्तारण नहीं किया जाता, तब तक ये प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार की समस्याओं की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें ताकि समय पर उचित कदम उठाए जा सकें।



