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आरगाड गदेरे पर नाबार्ड और सारा के कार्य: जल संरक्षण से स्वरोजगार और पलायन रोकने की उम्मीद
जल संकट और पलायन ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। इन समस्याओं के समाधान के लिए जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग बेहद आवश्यक है। इसी कड़ी में, नागेश्वरसौड़ क्षेत्र में आरगाड गदेरे पर नाबार्ड और सारा द्वारा जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य खेती और बागवानी को प्रोत्साहित कर स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है।

जिलाधिकारी का निरीक्षण और निर्देश
रविवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आरगाड गदेरे पर चल रहे जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चेक डैम, खंतियां, और वृक्षारोपण जैसे कार्यों की प्रगति देखी। जिलाधिकारी ने बताया कि यह परियोजना क्षेत्र के दर्जनों गांवों को लाभान्वित करेगी और पलायन को रोकने में मददगार साबित होगी।
संबंधित विभागों को निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मनरेगा के तहत कन्वर्जन की जरूरत वाले कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई और सफाई सुनिश्चित करने को कहा।

गांवों का भी किया निरीक्षण
इस दौरान जिलाधिकारी ने सुनार गांव और केमरियासैण का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गांवों में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता की जांच की और अधिकारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कार्य समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे हों। उन्होंने आंगनबाड़ी और आईटीआई भवनों पर रंग-रोगन के निर्देश भी दिए।
उपस्थित अधिकारी
निरीक्षण के दौरान डीडीओ मोहम्मद असलम, लघु सिंचाई विभाग के ईई बृजेश गुप्ता, अनूप डियून्डी, तहसीलदार हरीश जोशी और अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
जल संरक्षण का उद्देश्य
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्रोत और वर्षा जल का संरक्षण करना है। यह कदम खेती और बागवानी की संभावनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा और पलायन को नियंत्रित करने में मददगार होगा।



