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उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के जनपद अधिवेशन में जल जीवन मिशन के तहत उत्पीड़न के खिलाफ विरोध दर्ज
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने चम्पावत में आयोजित जनपद अधिवेशन के दौरान सदस्यों के उत्पीड़न पर चिंता जताई और भविष्य में आंदोलन की चेतावनी दी। जल जीवन मिशन जैसे बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स में डिप्लोमा इंजीनियर्स की भूमिका अहम होती है, लेकिन उत्पीड़न और असमान व्यवहार के आरोपों ने इनके कामकाज में बाधा डाली है।
बैठक का आयोजन और निर्णय:
27 नवंबर 2024 को उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ पेयजल निगम का जनपद अधिवेशन आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता नरेंद्र मोहन गड़कोटी ने की, जबकि संचालन अंकित कुमार ने किया। चम्पावत के निर्माण शाखा और लोहाघाट निर्माण इकाई के सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।
उत्पीड़न के खिलाफ विरोध:
बैठक में जल जीवन मिशन के तहत सदस्यों के उत्पीड़न के मुद्दे पर गहरा विरोध व्यक्त किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़न की घटनाएं जारी रहीं, तो संघ आंदोलन का रास्ता अपनाने पर बाध्य होगा।
नव कार्यकारिणी का गठन:
अधिवेशन के दौरान नयी कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। पर्यवेक्षक प्रकाश चंद्र जोशी की निगरानी में निम्न पदाधिकारियों का निर्विरोध निर्वाचन किया गया:
1. अंकित कुमार – जनपद अध्यक्ष, निर्माण शाखा, चम्पावत
2. दिनेश भट्ट – जनपद उपाध्यक्ष, निर्माण इकाई, लोहाघाट
3. कमलेश चंद्र त्रिपाठी – जनपद सचिव, निर्माण इकाई, लोहाघाट
4. ललित मोहन भट्ट – जनपद कोषाध्यक्ष, निर्माण शाखा, चम्पावत
संघ की अपील:
संघ ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उत्पीड़न को रोकने और सदस्यों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।




